मिडिल-ईस्ट में इस समय हालात काफी खराब बने हुए हैं. अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान, खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बना रहा है. कुवैत ने मंगलवार(21 जुलाई) को आरोप लगाया कि ईरान ने एक बार फिर उसके पॉवर प्लांट और समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाल डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाते हुए हमला किया है. कुवैत का कहना है कि ये प्लांट देश की बिजली और पेयजल आपूर्ति के लिए बेहद अहम हैं.
कुवैत के बिजली, जल और रिनेबल एनर्जी मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि सोमवार रात ईरान ने लगातार चौथे दिन इन प्लांट को निशाना बनाया. हमलों के कारण कई जगह आग लग गई और प्लांट्स को नुकसान पहुंचा. मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित संयंत्रों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और स्थिति को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है.
कुवैत में पीने के पानी की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा समुद्री पानी को साफ करके तैयार किया जाता है. देश के करीब 90 प्रतिशत पेयजल की जरूरत डिसैलिनेशन प्लांट्स से पूरी होती है. इसलिए इन प्लांट पर हुए हमलों को बेहद गंभीर माना जा रहा है.
ईरान बना रहा है खाड़ी देशों को निशाना
अमेरिका लगातार ईरान पर हमले करके उसको नुकसान पहुंचा रहा है. यू.एस. सेंट्रल कमांड की तरफ से ईरान पर नए हमले की जानकारी दी गई है. बताया गया कि इन हमलों को मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है. इसके बाद दोनों देशों में टकराव बढ़ गया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि ईरान की तरफ से खाड़ी देशों को निशाना बनाया जा सकता है, जिसके बाद यहां अलर्ट जारी किया गया था.