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लेबनान में भीषण हमले पर बोले PM नेतन्याहू- हिज्बुल्लाह पर बरसती रहेंगी मिसाइलें

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा ऐलान किया है. अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर को दरकिनार करते हुए उन्होंने साफ कर दिया है कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशन रुकने वाला नहीं है.

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इजरायल का कहना है कि लेबनान ईरान के साथ हुए समझौते से बाहर, अमेरिका ने भी दिया साथ. (File Photo: Reuters)
इजरायल का कहना है कि लेबनान ईरान के साथ हुए समझौते से बाहर, अमेरिका ने भी दिया साथ. (File Photo: Reuters)

अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के बीच इजरायली सेना लेबनान में जमकर कहर बरपा रही है. उनके हमले में अभी तक 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकी 700 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सीजफायर ईरान के साथ हुआ है. इसमें लेबनान और हिज्बुल्लाह शामिल नहीं हैं.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि हिज्बुल्लाह इस शांति योजना का हिस्सा नहीं है. इजरायल उस पर अपने घातक हमले जारी रखेगा. उन्होंने अपने वीडियो संदेश में उन कयासों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि अमेरिका ने इजरायल को अंधेरे में रखकर ईरान के साथ डील की है. उनको इस बात की सूचना नहीं थी.

इस पर नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि यह पूरी प्रक्रिया इजरायल के पूर्ण सहयोग और सलाह-मशविरे के साथ संपन्न हुई है. उन्होंने साफ किया कि इजरायली सुरक्षा एजेंसियां इस समझौते की हर बारीकी से अवगत थीं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि हमने अपनी सुरक्षा से कोई समझौता कर लिया है. नेतन्याहू का रुख इस समय बेहद सख्त नजर आ रहा है. 

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उन्होंने कहा कि यह समझौता किसी युद्ध का अंत नहीं है. उनके मुताबिक, "अभी भी कई सैन्य और रणनीतिक लक्ष्य हासिल करना बचा हुआ हैं. हम इन लक्ष्यों को या तो कूटनीतिक समझौतों के जरिए प्राप्त करेंगे या फिर मैदान-ए-जंग में दोबारा पूरी ताकत के साथ उतरेंगे." उनके बयान ने संकेत दे दिए हैं कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली कार्रवाई थमने वाली नहीं है.

इसी बीच अमेरिका की ओर से आया स्पष्टीकरण इजरायल के रुख को मजबूती प्रदान करता है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने 'एक्सियोस' के साथ एक विशेष बातचीत में पुष्टि की है कि अमेरिका-ईरान सीजफायर का लेबनान से कोई सीधा संबंध नहीं है. अमेरिका ने तकनीकी रूप से लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई को समझौते से बाहर रखा है.

अमेरिका ये बयान बताता है कि वाशिंगटन भी हिज्बुल्लाह के मुद्दे पर इजरायल के साथ खड़ा है. एक तरफ जहां अमेरिका और इजरायल की जुगलबंदी लेबनान पर हमले जारी रखने की वकालत कर रही है, वहीं ईरान ने इस पर बेहद कड़ा एतराज जताया है. ईरान का मानना है कि यदि लेबनान में रक्तपात जारी रहता है, तो सीजफायर खतरे में पड़ जाएगी. 

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