इजरायल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, इजरायल ने तेहरान, इस्फहान, तबरीज और पश्चिमी ईरान के कई अन्य इलाकों में अटैक किया है. यहां जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. वहीं करज शहर में भी धमाकों की खबरें सामने आई हैं.
ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, सोर्स ने दावा किया है कि इजरायल ने तेहरान, इस्फहान, तबरीज और पश्चिमी ईरान के अन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए हैं. हालांकि, इन हमलों में नुकसान को लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है, वहीं हमला कितना बड़ा और किस स्तर का था, इसकी भी जानकारी नहीं मिली है. उधर, इजरायली मीडिया ने दावा किया है कि इजरायली वायुसेना ने ईरान पर हमले उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश किए बिना किए. दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने इराक के सुलेमानिया क्षेत्र में मौजूद ईरान-विरोधी कुर्द समूहों के ठिकानों को निशाना बनाया है.
बढ़ते तनाव के बीच इजरायल में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने पूरे देश में स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बंद करने का आदेश दिया है. अस्पतालों को अंडरग्राउंड सुविधाओं से संचालित करने की तैयारी की गई है. देशभर में अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सार्वजनिक परिवहन लगभग 75 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा.
इजरायल एयरपोर्ट अथॉरिटी ने फिलहाल हवाई अड्डों के संचालन में किसी बदलाव से इनकार किया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि इजरायल ने सोमवार तड़के ईरान के भीतर कई ठिकानों पर हमला किया. IRGC के अनुसार, हमले में एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया और इसे "जायोनिस्ट इनेमी" की ओर से किया गया अभियान बताया गया है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने भी रिपोर्ट दी है कि देश के भीतर कई टार्गेटेड अटैक हुए हैं. इससे पहले तेहरान, इस्फहान, तबरीज और करज समेत कई शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुने जाने की खबरें सामने आई थीं.
वहीं, इजरायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इजरायली वायुसेना ने ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की है. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि यह हमला ईरान द्वारा इजरायल पर हाल में किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में किया गया. घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद यह सबसे गंभीर सैन्य टकरावों में से एक माना जा रहा है. कई देशों ने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है, जबकि ईरान ने तेहरान के आसपास के कुछ हवाई क्षेत्रों पर प्रतिबंध लगाए हैं.