scorecardresearch
 

12 साल के बच्चे की बड़ी खोज, इजरायल के हाथ लगा हजारों साल पुराना 'खजाना'

इजरायल के गैलीली क्षेत्र के कोराजिम नेशनल पार्क में पुरातात्विक खुदाई के दौरान 1,500 साल पुराना एक दुर्लभ नीला रत्न मिला है. इसे एक 12 वर्षीय बच्चे एलोन होरविट्ज ने खोजा है.

Advertisement
X
इजरायल के एक छोटे बच्चे ने दुर्लभ रत्न खोज निकाला है (Photo: Korazim Excavation Team/Israel Nature and Parks Authority) )
इजरायल के एक छोटे बच्चे ने दुर्लभ रत्न खोज निकाला है (Photo: Korazim Excavation Team/Israel Nature and Parks Authority) )

इजरायल ने रविवार को बताया कि गैलीली क्षेत्र के कोराजिम नेशनल पार्क में चल रही एक पुरातात्विक खुदाई में ऐतिहासिक 'खजाना' मिला है. खुदाई के दौरान करीब 1,500 साल पुराना गहरे नीले रंग का एक बेशकीमती रत्न मिला है. खास बात यह है कि इसे इजरायल के एक छोटे बच्चे ने ढूंढा है.

यह खुदाई इजरायल नेचर एंड पार्क्स अथॉरिटी (INPA) और एरियल यूनिवर्सिटी की संयुक्त प्रोजेक्ट के तहत की जा रही थी. इस प्रोजेक्ट का मकसद क्षेत्र के छात्रों को अपने इलाके के इतिहास को समझने और अतीत की खोज में सक्रिय भूमिका निभाने का मौका देना है.

इजरायल के एक स्कूल के 12 वर्षीय छठी कक्षा के छात्र एलोन होरविट्ज ने दिन की खुदाई खत्म होने से करीब 10 मिनट पहले इस रत्न को खोज निकाला.

एलोन ने INPA को बताया, 'तीन दिन की खुदाई के बाद, काम खत्म होने में करीब 10 मिनट बाकी थे. मैं मिट्टी में औजार से खुदाई कर रहा था कि अचानक मुझे कुछ नीला, गोल और खास दिखाई दिया. मैंने उसे उठाया और पुरातत्वविद् को दिखाया. जब मुझे पता चला कि यह कोई दुर्लभ चीज है, तो मुझे बहुत खुशी और गर्व महसूस हुआ. मेरे दोस्तों, शिक्षकों और परिवार ने मेरी काफी तारीफ की.'

Advertisement

खुदाई के निदेशक और एरियल यूनिवर्सिटी के डॉ. अचिया कोहन-टावोर्न ने इस पत्थर की पहचान 'निकोलो' के रूप में की. यह 'एगेट' पत्थर की एक किस्म है, जिसका इस्तेमाल रोमन काल में गहने और मुहर वाली अंगूठियों में किया जाता था. उस दौर में इसे धन और ऊंचे सामाजिक दर्जे का प्रतीक माना जाता था.

इजरायल की पुरातात्विक खोजों में बेहद अहम है यह खोज

INPA के अनुसार, कोराजिम में इस रत्न का मिलना इस बात का संकेत है कि प्राचीन शहर में सामान्य जीवन के साथ-साथ व्यापार और वाणिज्य की भी समृद्ध संस्कृति मौजूद थी.

'द यरूशलम पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. टावोर्न ने कहा कि इस तरह की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण वस्तुओं की खोज प्राचीन कोराजिम के निवासियों के जीवन को समझने का मौका देती है.

उन्होंने कहा, 'यह खोज हमें सिर्फ इमारतों और सड़कों के बारे में नहीं बताती, बल्कि उस समय के लोगों की सुंदरता की समझ, सामाजिक प्रतिष्ठा और आपसी रिश्तों की दुनिया की भी झलक देती है.'

INPA के उत्तरी जिले के पुरातत्वविद् और विरासत अधिकारी डॉ. ड्रोर बेन-योसेफ ने कहा, 'आभूषण में जड़े जाने वाले किसी रत्न का मिलना इजरायल के पुरातात्विक इतिहास में बेहद दुर्लभ और रोमांचक घटना है.'

बेन-योसेफ ने आगे कहा, 'एलोन का 1,500 साल पहले यहां रहने वाले किसी इंसान की निजी वस्तु से सीधा सामना होना वही पल है, जब विरासत किताबों की कहानी से निकलकर एक जीवंत अनुभव बन जाती है.'

Advertisement

कोराजिम कभी यहूदी गांव था

कोराजिम इजरायल में स्थित एक बेसाल्ट पहाड़ी पर बसा प्राचीन यहूदी गांव था. यह गांव दूसरा मंदिर काल (Second Temple Period) से लेकर 11वीं शताब्दी ईस्वी तक आबाद रहा.

इस स्थल पर 1905, 1920 के दशक, 1960 के दशक के मध्य और 1980 के दशक में खुदाई की गई थी.

कोराजिम का उल्लेख बाइबिल के न्यू टेस्टामेंट में भी मिलता है. वहां उल्लेख है कि यीशु ने अपने उपदेशों को अस्वीकार करने के कारण इस नगर को शाप दिया था.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement