इजरायल और हमास के बीच बीते एक महीने से जंग चल रही है. इजरायली सेना गाजा शहर पर लगातार बमबारी कर रही है. खासकर उत्तरी गाजा, जहां हमास के ठिकाने हैं, उन जगहों पर रॉकेट दागे जा रहे हैं. इजरायल के हमले में हजारों की संख्या में बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो रही हैं. जब भी कोई बड़ी इमारत बमबारी या रॉकेट के निशाने पर आकर जमींदोज होती है तो आसपास के इलाकों में भयंकर प्रदूषण हो जाता है. इसके बावजूद गाजा शहर की हवा दिल्ली से 10 गुना साफ है.
वेबसाइट aqicn.org के मुताबिक, जो इलाके युद्ध के सबसे ज्यादा केंद्र में रहे, उनमें अश्कलोन, सेड्रोट, अश्दोद जैसे कई इलाके शामिल हैं, जहां खूब बमबारी भी हुई, उसके बाद भी इन इलाकों की हवा बेहद साफ है. यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 60 से लेकर 80 के बीच दर्ज किया गया. सबसे साफ हवा सेड्रोट की है, जहां AQI 12 दर्ज हुआ.

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इजरायली सेना ने 12 हजार टारगेट पर किया हमला
हाल ही में IDF की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में 12 हजार टारगेटों पर हमला किया है. हालांकि इसमें कितनी बिल्डिंगें गिरी हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई.

हालांकि बमों की कुल संख्या से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. फिलिस्तीनी अधिकारियों ने बताया कि गाजा पर 18 हजार टन बम गिराए गए हैं यानी गाजा में रोजाना 600 टन बम गिराया गया है. गाजा पट्टी में हुए विनाश को देखते हुए ये आंकड़ा सही भी दिखाई पड़ता है.
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दिल्ली से 10 गुना साफ है गाजा की हवा
गाजा में इतनी बमबारी और रॉकेट दागे जाने के बावजूद वहां की हवा, दिल्ली की हवा से 10 गुना से ज्यादा साफ है. जैसे ही सर्दियों की आहट होती है, वैसे ही राजधानी दिल्ली गैस चैंबर में बदल जाती है. दिल्ली-एनसीआर में हाल फिलहाल में 300 से लेकर 800 के बीच AQI रिकॉर्ड किया गया था. बीते करीब 4-5 दिनों से पूरे दिल्ली-एनसीआर में धुंध की चादर चढ़ी हुई है. हालांकि आज यानी मंगलवार को दिल्ली का AQI औसतन 423 दर्ज किया गया.

दिल्ली सरकार ने लागू किया ऑड-ईवन
वहीं दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केजरीवाल सरकार एक बार फिर ऑड-ईवन फॉर्मूला लेकर आई है. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया, 13 से 20 नवंबर तक दिल्ली में ऑड-ईवन नियम लागू किया जाएगा. इसके साथ ही डीजल से चलने वाले ट्रक, कमर्शियल चार पहिया वाहनों और सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.