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अगर ईरान और हिज्बुल्ला ने इजरायल पर हमला किया तो... बाइडेन प्रशासन की खुली धमकी

हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था. इन हमलों में 1400 लोगों की मौत हुई थी. अमेरिका ने इन हमलों को आतंकी हमला बताते हुए खुलकर निंदा की थी. इतना ही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इजरायल का दौरा कर अपना समर्थन जता चुके हैं. अमेरिका ने इजरायली सीमा के पास अपने युद्धपोतों को भी तैनात किया है.

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जो बाइडेन, इजरायली पीएम नेतन्याहू और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खुमैनी
जो बाइडेन, इजरायली पीएम नेतन्याहू और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खुमैनी

इजरायल और हमास के बीच पिछले 30 दिन से जंग जारी है. इन हमलों में अब तक 11000 की मौत हो चुकी है. इसी बीच अमेरिका ने ईरान और हिज्बुल्ला को खुली चेतावनी दी है. बाइडेन प्रशासन ने ईरान और हिज्बुल्ला को चेतावनी दी है कि अगर वे इजरायल पर हमला करते हैं, तो अमेरिकी सेना हस्तक्षेप करेगी. 

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी सख्त लहजे में ईरान को हमास और इजरायल के संघर्ष में शामिल न होने की चेतावनी दी थी. बाइडेन ने पिछले दिनों कहा था कि इजरायल के करीब भेजे गए अमेरिकी विमानों और सैन्य जहाजों की तैनाती को ईरान के लिए एक संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए, जो इस्लामी समूहों हमास और लेबनान के हिजबुल्लाह का समर्थन करता है.

बाइडेन ने कहा, यह हमला क्रूरता का अभियान है. यह सिर्फ नफरत नहीं, बल्कि यहूदी लोगों के खिलाफ शुद्ध क्रूरता है. उन्होंने कहा, यह यहूदियों के लिए सबसे घातक दिन था. हम इजरायली रक्षा बल को अतिरिक्त सैन्य सहायता बढ़ा रहे हैं, जिसमें आयरन डोम को फिर से भरने के लिए गोला-बारूद शामिल है. हमने अमेरिकी वाहक बेड़े को पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात कर दिया है. हम उस क्षेत्र में और अधिक लड़ाकू विमान भेज रहे हैं और ईरानियों को यह स्पष्ट कर दिया है, सावधान रहें.

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अमेरिका ने तैनात की न्यूक्लियर सबमरीन

अमेरिका ने मध्यपूर्व में न्यूक्लियर सबमरीन को तैनात किया है. इस पर न्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों को तैनात किया गया है. अमेरिकी की इस तैनाती को ईरान के लिए खुली चुनौती माना जा रहा है.

इजरायल का खुलकर समर्थन कर रहा अमेरिका

हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था. इन हमलों में 1400 लोगों की मौत हुई थी. अमेरिका ने इन हमलों को आतंकी हमला बताते हुए खुलकर निंदा की थी. इतना ही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इजरायल का दौरा कर अपना समर्थन जता चुके हैं. अमेरिका ने इजरायली सीमा के पास अपने युद्धपोतों को भी तैनात किया है. लाल सागर में भी अमेरिका इजरायल की तरफ आने वाली मिसाइलों को रोक रहा है. 

इजरायल के हमले जारी

उधर, 7 अक्टूबर के हमले के बाद इजरायल ने हमास को खत्म करने की कसम खा ली है. इजरायल लगातार गाजा पट्टी में हमास के ठिकानों पर बम बरसा रहा है. इतना ही नहीं इजरायली सेना  गाजा पट्टी में ग्राउंड ऑपरेशन भी चला रही है. इन हमलों में अब तक 9700 लोगों की मौत हो चुकी है. इजरायल के पीएम साफ कर चुके हैं, जब तक हमास 240 बंधकों को रिहा नहीं करता, तब तक सीजफायर नहीं होगा. हमास ने 7 अक्टूबर को हमलों के बाद 240 नागरिकों को बंधक बना लिया था. इन्हें गाजा पट्टी में रखा गया है. 

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