इजरायल ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान पर कई एयरस्ट्राइक किए. इस हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए. वहीं लेबनान के हिज़्बुल्लाह ग्रुप ने कहा कि उसने रॉकेट और ड्रोन दागे, जिसमें से एक उत्तरी इजरायल में क्रैश हो गया और दो सैनिक घायल हो गए.
17 अप्रैल से सीज़फ़ायर लागू होने के बावजूद इजरायल की मिलिट्री और हिज़्बुल्लाह ने अपने हमले जारी रखे हुए हैं. सरकारी नेशनल न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि तीन दक्षिणी गांवों पर हुए हमलों में पांच लोग मारे गए,
इज़रायल की मिलिट्री ने शुक्रवार दोपहर दक्षिणी शहर नबातियेह के पास हब्बूश गांव के लोगों से खाली करने की अपील की और चेतावनी दी कि अगर वे हिज़्बुल्लाह की जगहों के पास रहेंगे तो वे अपनी जान खतरे में डालेंगे.
शुक्रवार को हमले के बाद मेडिकल कर्मियों ने नबातियेह के पास कफर रुम्मन गांव में मलबे के नीचे से पांच लोगों की लाशें बरामद कीं जिनमें एक आदमी और उसके तीन बेटे शामिल थे.
नेशनल न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि पांचों लोग गुरुवार देर रात कफर रुम्मन पर हुए एयरस्ट्राइक में मारे गए. एजेंसी को जिन लोगों की बॉडी मिली हैं, उनकी पहचान मालेक हमज़ा और उनके बेटों, अली, फादेल और हमज़ा के तौर पर की है. उसने कहा कि स्ट्राइक में एक लेबनानी सैनिक भी मारा गया. लेबनानी आर्मी ने कन्फर्म किया कि स्ट्राइक में एक सैनिक अली जाबेर मारा गया.
शुक्रवार दोपहर तक हिज़्बुल्लाह ने छह स्टेटमेंट जारी किए थे जिसमें कहा गया था कि उसने इज़रायली मिलिट्री पोजीशन पर ड्रोन और रॉकेट लॉन्च किए.
इजरायली सेना ने कन्फर्म किया है कि हिज़्बुल्लाह ने एक एक्सप्लोसिव ड्रोन लॉन्च किया जो लेबनान के साथ बॉर्डर के पास उत्तरी इजरायल में गिरा.
इजरायली मीडिया ने उत्तरी इजरायल में मार्गालियट के पास एक ड्रोन हमले की जानकारी दी है. इसमें कहा गया कि इससे आग लग गई और इलाके में एक अलग हिज़्बुल्लाह ड्रोन हमले में दो सैनिक मामूली रूप से घायल हो गए.
युद्ध के बावजूद हफ़्तों तक बेघर रहने के बाद दक्षिणी लेबनान में लोग अपने घरों को लौट रहे हैं.
अभी इजरायल-लेबनान संघर्षविराम महज कागजों पर लागू रह गया है. यह 16 अप्रैल से शुरू होकर तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया गया था, लेकिन दोनों ही पक्ष लगातार इसका उल्लंघन कर रहे हैं. हिज्बुल्लाह और इजरायल दोनों एक-दूसरे पर हमले जारी रखे हुए हैं. एयरस्ट्राइक, ड्रोन और रॉकेट हमले होते रहे हैं.
हालिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि सीजफायर के बावजूद कई लोगों की मौत हुई और तनाव बना हुआ है.यहां शांति अभी दूर-दूर तक संभव नहीं दिखती है.