ईरान ने गुरुवार को वॉर्निंग दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने खाड़ी में ईरान के किसी भी द्वीप पर हमला किया तो वो अपना सब्र खो देगा. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अपने दुश्मनों को धमकाते हुए कहा है कि अगर ऐसी हिमाकत की गई तो ईरान फारस की खाड़ी को हमलावरों के खून से लाल कर देगा.
गलीबाफ ईरान के बेहद शक्तिशाली व्यक्तित्व माने जाते हैं और उनकी यह धमकी युद्धग्रस्त मिडिल ईस्ट में हालात को और बिगाड़ सकती है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'वतन या मौत! ईरान के द्वीपों की जमीन पर किसी भी तरह का हमला हुआ तो हमारी सब्र का बांध टूट जाएगा. हम अपना सब्र छोड़ देंगे और फारस की खाड़ी को हमलावरों के खून से लाल कर देंगे.'
उन्होंने अपने ट्वीट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टार्गेट करते हुए आगे लिखा, 'अमेरिकी सैनिकों का खून डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी.'
हालांकि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि वो किन द्वीपों का जिक्र कर रहे थे. लेकिन हाल ही में Axios की एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच अमेरिका खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की सोच सकता है.
खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की ट्रंप की पुरानी इच्छा रही है
फारस की खाड़ी में स्थित खर्ग द्वीप रणनीतिक रूप से बेहद अहम है जहां से ईरान करीब अपने 90% कच्चे तेल का निर्यात करता है. ट्रंप करीब 40 साल पहले 1988 में इस द्वीप पर कब्जा करने की मंशा जता चुके हैं.
ट्रंप ने तब ब्रिटिश अखबार द गार्डियन से बात करते हुए कहा था, 'मैं ईरान के साथ सख्ती से पेश आता. वो हमें मनोवैज्ञानिक रूप से परेशान करते हैं और हमें मूर्ख दिखाने की कोशिश करते हैं. अगर हमारे किसी आदमी या जहाज पर एक भी गोली चलती तो मैं खर्ग द्वीप पर बड़ा हमला कर देता. मैं वहां जाता और द्वीप को अपने कब्जे में ले लेता.'
ट्रंप ने यह बयान तब दिया था जब ईरान-इराक युद्ध चल रहा था. ईरान इराक के सद्दाम हुसैन की सत्ता के खिलाफ लड़ रहा था जिसमें करीब पांच लाख लोग मारे गए.
युद्ध के दौरान अमेरिकी नेवी फारस की खाड़ी में जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही थी. उस दौरान भी अमेरिका ने ईरान के तेल ठिकानों और समुद्री सुरंगों पर हमले किए थे.