ईरान में पिछले महीने शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हुई सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इस हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हजार से ज्यादा हो गई है. ये आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है.
ईरान में इंटरनेट और संचार पर पाबंदियां लगी हैं. अमेरिका की मानवाधिकार एजेंसी का कहना है कि इसी वजह से मौतों की जानकारी धीरे-धीरे मिल रही है और संख्या लगातार बढ़ रही है.
इससे पहले ईरान की सरकार और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी मौत के आंकड़े जारी किए थे. अमेरिका की मानवाधिकार एजेंसी के मुताबिक अब तक 7,002 मौतों की पुष्टि हुई है. जबकि ईरान सरकार ने 21 जनवरी को सिर्फ 3,117 मौतों की बात कही थी.
अमेरिका के साथ समझौता करने में जुटा ईरान!
इस समय ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बचाने के लिए अमेरिका के साथ पर्दे के पीछे बातचीत में जुटा है. ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कतर, ओमान और यमन के विद्रोहियों से मुलाकात भी की है. लारीजानी ने माना कि ओमान के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आया है.
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अमेरिका और ईरान के बीच अब सीधा टकराव शुरू हो चुका है. अमेरिकी सेना ने हाल ही में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है. ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने अपने विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और लड़ाकू विमानों को मिडिल ईस्ट में तैनात कर दिया है.
दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का काम कर रहा कतर
वहीं, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस तनाव को कम करने पर चर्चा की है. बता दें कि कतर पहले भी दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का काम करता रहा है.
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व्हाइट हाउस में टंप-नेतन्याहू की मुलाकात
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से व्हाइट हाउस में मुलाकात की है. ये मीटिंग मिडिल-ईस्ट की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ मानी जा रही है. दोनों नेताओं के बीच बातचीत का सबसे बड़ा केंद्र ईरान रहा