ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बातचीत के दौरान वैश्विक सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, पेज़ेशकियन ने कहा है कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्ध के लिए जिम्मेदार पक्षों को दंडित करने में फेल रहता है, तो वैश्विक व्यवस्था पूरी तरह खतरे में पड़ सकती है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संघर्ष के पीछे के असली किरदारों को नजरअंदाज करने से अंतरराष्ट्रीय तंत्र और ज्यादा अस्थिर हो जाएगा.
ईरानी राष्ट्रपति ने वैश्विक समुदाय से जारी युद्ध के विनाशकारी परिणामों पर तत्काल ध्यान देने और जिम्मेदारी तय करने का आह्वान किया है. यह बातचीत ऐसे वक्त में हुई है, जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है.
क्या पाकिस्तान न्यूट्रल रह पाएगा?
पाकिस्तान को लगा उसे फ़ॉर्मूला मिल गया है कि ट्रंप की ज़ोर-ज़ोर से चापलूसी करो, सऊदी अरब के लिए मज़बूती से वादा करो और ईरान को फ़ोन कॉल और अच्छी बातों से शांत रखो. कुछ समय तक फ़ॉर्मूला काम करता रहा, फिर अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को मार डाला, खाड़ी में मिसाइलें गिरने लगीं और पाकिस्तान का सावधानी से बनाया गया डिप्लोमैटिक सिस्टम एक ऐसे युद्ध के बोझ तले टूटने लगा जिसकी उसने कभी योजना नहीं बनाई थी.
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पाकिस्तान के सामने तीन बड़ी मुश्किलें...
शहबाज शरीफ का पाकिस्तान अब एक साथ तीन मुश्किलों का सामना कर रहा है. उसे सऊदी अरब के साथ एक डिफेंस पैक्ट को मैनेज करना है, जिसे कभी इतनी मुश्किल से टेस्ट नहीं किया जाना था. उसे बेचैन और गुस्से में शिया आबादी को मैनेज करना है, जो उसके 250 मिलियन नागरिकों में से करीब 20 परसेंट है. और उसे ऐसा कुछ भी करने से बचना होगा, जिससे वॉशिंगटन के साथ उसके नए बने रिश्ते को नुकसान पहुंचे. दिक्कत यह है कि ये तीनों मकसद अब एक-दूसरे से अलग हो गए हैं.