ईरान अमेरिका और इजरायल के साथ अपनी जंग में खाड़ी देशों को लगातार टार्गेट कर रहा है. ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत समेत खाड़ी के कई देशों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है.
सोमवार को ईरान ने सऊदी अरब की तेल और गैस कंपनी अरामको की रास तनुरा ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाकर दो ड्रोन दागे. सऊदी ने ड्रोन को मार गिराया और एहतियात के तौर पर रिफाइनरी को बंद कर दिया गया है. इस हमले से नाराज सऊदी अरब ने अब ईरान को धमकी दी है.
सऊदी अरब की न्यूज वेबसाइट 'Azer News' की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अधिकारियों ने किंगडम और पड़ोसी खाड़ी देशों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए आत्मरक्षा के अपने अधिकार को दोहराया है. इसी के साथ ही सऊदी अधिकारियों ने ईरान को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई पर सोच-विचार किया जा रहा है.
ईरान के हमलों से हैरान हैं खाड़ी देश
सऊदी अरब समेत जिन देशों पर भी ईरान मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहा है, उन्हें उसकी कार्रवाई पर हैरानी हो रही है.
28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के हमले में जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए तब खाड़ी देशों को पता था कि ईरान उनके देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा लेकिन इस पैमाने पर हमले कर तेल रिफाइनरियों और एयरपोर्ट्स पर मिसाइल गिराएगा, इसका अंदाजा नहीं था.
इजरायल स्थित इंटरनेशनल टीवी नेटवर्क i24NEWS के कूटनीतिक संवाददाता अमिचेय स्टैन ने कहा कि खाड़ी देशों के अधिकारी ईरान की जवाबी कार्रवाई के पैमाने से हैरान रह गए हैं.
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'खाड़ी देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मेरी बातचीत हुई है, वो ईरानी हमलों की तीव्रता से पूरी तरह हैरान थे. एक अधिकारी ने मुझसे कहा कि, हमें यकीन था कि अली खामेनेई के मारे जाने के बाद वो जवाब देंगे लेकिन इस समय वो सिर्फ सैन्य ठिकानों ही नहीं बल्कि आबादी वाले इलाकों को भी निशाना बना रहे हैं. यह पूरी तरह पागलपन है और उनकी तरफ से ऐसे हमले समझ से परे हैं. एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने मुझसे कहा- हमने जो सोचा था, ईरान उससे कहीं तेजी से हमले कर रहा है.'
सऊदी अरब की रास तनुरा रिफाइनरी को ईरान ने बनाया निशाना
ईरान के ड्रोन को सऊदी अरब ने हवा में नष्ट कर दिया लेकिन उसका मलबा संयंत्र के पास गिरा जिससे वहां थोड़ी आग लग गई. हालांकि, इस दौरान कोई नागरिक घायल नहीं हुआ. रास तनुरा दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और निर्यात फैसिलिटीज में से एक है, इसलिए यह ग्लोबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा माना जाता है.
सऊदी अरब पारंपरिक रूप से अमेरिका का सहयोगी रहा है जो अपनी सुरक्षा के लिए उस पर निर्भर है. सऊदी अरब के वास्तविक शासक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बेहद करीबी व्यापारिक और राजनीतिक रिश्ता है. साल 2025 में ट्रंप ने जब अपना दूसरा कार्यकाल संभाला तो वो अपने पहले विदेश दौरे पर सऊदी अरब गए थे.