अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच गया है. ईरानी मीडिया के अनुसार, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ के नेतृत्व में यह डेलीगेशन इस्लामाबाद पहुंचा है. इसे अमेरिका-ईरान के बीच तनाव खत्म करने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक कदम माना जा रहा है.
हालांकि इस बीच ईरान ने साफ किया है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब वॉशिंगटन, तेहरान की पूर्व शर्तों को स्वीकार करेगा.
इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक अधिकारी शामिल हैं, जिनमें ईरान के विदेश मंत्री, रक्षा परिषद के सचिव, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और संसद के कई सदस्य भी शामिल हैं.
अस्थायी युद्धविराम और दोनों पक्षों के बीच बने अविश्वास के माहौल में पाकिस्तान इस उच्च-स्तरीय बैठक की मेजबानी कर रहा है. इस बीच ईरान ने बार-बार जोर दिया है कि औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है.
इनमें क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं. यह दर्शाता है कि बातचीत में शामिल होने के बावजूद ईरान का रुख सख्त बना हुआ है.
वहीं, अब लेबनान और इजरायल ने भी सहमति जताई है कि वे मंगलवार को यू.एस. स्टेट डिपार्टमेंट में पहली बैठक करेंगे. इस बैठक में युद्धविराम की घोषणा और औपचारिक वार्ता पर चर्चा होगी.
शांति वार्ता पर बोले पाकिस्तान के पीएम
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि अमेरिका-ईरान वार्ता की मेजबानी करना सिर्फ पाकिस्तान के लिए गर्व की बात नहीं, बल्कि पूरे मुस्लिम विश्व के लिए भी गर्व की बात है.
इसके साथ ही पाकिस्तान के पीएम ने ईरान और अमेरिका के नेतृत्व का धन्यवाद भी किया कि उन्होंने पाकिस्तान के अनुरोध पर युद्धविराम के लिए सहमति जताई और शांति वार्ता के लिए भी तैयार हुए.
शांति वार्ता से पहले शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती घोषणा की है. अब डीजल 520 रुपये प्रति लीटर से घटकर 385 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि पेट्रोल की कीमत में भी 12 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है.