संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत ने आतंकवाद, धार्मिक आजादी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर पाकिस्तान के दोहरे रवैये को लेकर सवाल उठाए. यूएन में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी भाविका मंगलानंदन ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा, 'एक आतंकवादी न केवल मासूम लोगों को मारता है, बल्कि पूरे देश की मानसिकता को भी नुकसान पहुंचाता है.'
उन्होंने पाकिस्तान को याद दिलाया कि 1999 के कारगिल युद्ध में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सेना ने पूरे सैन्य सम्मान और इस्लामी रीति-रिवाजों के साथ दफनाया था.
इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भारत को भाषण देने के पाकिस्तान के नैतिक अधिकार पर सीधे सवाल उठाए.
इस बीच, पाकिस्तान ने तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए बद्र समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते का मकसद चारों देशों के बीच रक्षा उत्पादन, तकनीक शेयर करने, सैन्य प्रशिक्षण और रिसर्च को बढ़ावा देना है.
इसे अभी ऐसा सैन्य गठबंधन नहीं माना जा रहा, जिसमें देश पर हमला होने पर बाकी देश उसकी तरफ से जंग में उतरेंगे. हालांकि, इस समझौते से रक्षा क्षेत्र में एक नया नेटवर्क बनने की संभावना जरूर बढ़ी है, जिस पर भारत की नजर रहेगी.
समझौते के तहत चारों देश अपनी रक्षा उत्पादन क्षमता और सैन्य तकनीक को मजबूत करने के लिए एकसाथ काम करेंगे. तुर्किये के पास विकसित रक्षा उद्योग और हथियार बनाने की तकनीक है. पाकिस्तान और इंडोनेशिया अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और श्रमबल का योगदान दे सकते हैं, वहीं, कतर निवेश और बाजार की मांग के जरिए भूमिका निभा सकता है.