तुर्की के अंताल्या में रविवाार को जी-20 की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS देशों की बैठक में हिस्सा लिया. पेरिस हमले की कड़ी निंदा करते हुए पीएम ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना होगा. यह मुद्दा शुरू से ब्रिक्स की प्राथमिकता में रहा है.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'हम दृढ़ता से पेरिस में आतंक के भयानक कृत्यों की निंदा करते हैं और हम इसके खिलाफ एकजुट हैं. पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना होगा. आतंकवाद की कोई भी घटना निंदनीय है और इससे पूरे यूरोप को खतरा है. भारत BRICS को सर्वोच्च महत्व देता है. हम अन्य सदस्यों द्वारा किए गए महान कार्य को आगे बढ़ना चाहते हैं.'
जी-20 में भी PM उठाएंगे आतंकवाद का मुद्दा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन में भी आतंकवाद और सुरक्षा का मुद्दा उठाने वाले हैं. इस बाबत उन्होंने तुर्की पहुंचने के बाद ट्वीट कर जानकारी दी. पेरिस हमले के कारण जी-20 सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद शामिल नहीं होंगे, वहीं जी-20 के सदस्य देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर साझा बयान जारी कर सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, फ्रांस्वा ओलांद की जगह उनके विदेश मंत्री और वित्त मंत्री राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व करेंगे.
आतंकी हमले के बाद फ्रांस में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है. सम्मेलन को लेकर सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों का तुर्की पहुंचना जारी है. अंताल्या पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'जी-20 शिखर सम्मेलन 2015 में हिस्सा लेने तुर्की पहुंच गया हूं. वैश्विक नेताओं से मिलूंगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था व सुरक्षा के मुद्दों पर बातचीत करूंगा.'
Reached Turkey to participate in . Will meet world leaders & discuss global economic & security issues
— Narendra Modi (@narendramodi)
पेरिस हमले पर गहन चर्चा!अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि वाशिंगटन से उड़ान भरने से पहले ओबामा ने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग भी बुलाई. उन्होंने पेरिस हमले को लेकर ताजा खफिया सूचनाओं की समीक्षा की. ओबामा ने पेरिस हमले को पूरी मानवता पर हमला बताते हुए फ्रांस की जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हमले के दोषियों को सजा दिलवाने की प्रतिबद्धता जाहिर की.
'आतंकवाद नए सिरे से हो परिभाषित'
पेरिस हमले के बाद शनिवार को लंदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां बताया, वहीं उन्होंने मांग की कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए संयुक्त राष्ट्र को आतंकवाद को नए सिरे से परिभाषित करना चाहिए, ताकि दुनिया यह जान सके कि कौन आतंक का समर्थन कर रहा है और कौन उसके खिलाफ है.
जाहिर है जी-20 की बैठक में प्रधानमंत्री आतंकवाद के मुद्दे को मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे. इस दौरान उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति का भी साथ मिलेगा, क्योंकि ओबामा के एजेंडे में विदेशी समकक्षों के साथ सीरिया में सिविल वॉर, यूरोप में शरणार्थी संकट, रूस में ब्लादिमीर पुतिन के साथ अनबन और दक्षिण चीन सागर में जारी तनाव के साथ ही आतंकवाद भी शामिल है.

अंबेडकर स्मारक का उद्घाटन
तुर्की पहुंचने से पहले लंदन में अपने दौरे के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंबेडकर स्मारक का उद्घाटन किया. इसमे अंबेडकर से जुड़ी अहम चीजों को रखा जाएगा. इसके इलावा लंदन में टेम्स नदी के किनारे 12वीं शताब्दी के भारतीय दार्शनिक बसवेश्वर की प्रतिमा का भी मोदी ने अनावरण किया. ब्रिटेन यात्रा के अंतिम दिन मोदी ने सोलीहॉल में टाटा कंपनी की जगुआर लैंडरोवर प्लांट का दौरा भी किया और कंपनी की कारों का मुआयना किया.