क्यूबा में 6 जून से वीजा और मास्टरकार्ड के जरिए होने वाले सभी लेनदेन बंद कर दिए जाएंगे. क्यूबा के सेंट्रल बैंक ने 3 जून को ये घोषणा की है. बैंक ने इसके पीछे अमेरिका की ओर से लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया है.
बता दें कि अमेरिकी पाबंदियों के कारण पिछले कुछ दिनों में कई विदेशी कंपनियों ने क्यूबा से अपने संबंध पूरी तरह तोड़ लिए हैं. इस बीच अब क्यूबा के सेंट्रल बैंक ने बताया कि देश में क्रेडिट कार्ड लेनदेन की प्रोसेसिंग संभालने वाले एक विदेशी पार्टनर ने अपनी सेवाएं सीमित करने का फैसला किया है.
ये फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के 1 मई के उस कार्यकारी आदेश के बाद आया है, जिसमें क्यूबा के साथ व्यापार पर लगे प्रतिबंधों का दायरा काफी बढ़ा दिया गया था.
पहले ही बर्बाद हो चुकी क्यूबा की टूरिस्ट इंडस्ट्री
अमेरिकी प्रशासन के इस कदम को क्यूबा की अर्थव्यवस्था के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है. ट्रंप प्रशासन क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को सत्ता से बेदखल करने की कोशिश में इन प्रतिबंधों को लगातार कड़ा कर रहा है. इससे क्यूबा की टूरिस्ट इंडस्ट्री पहले ही पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है.
क्यूबा में क्रेडिट कार्ड का लेनदेन ऐतिहासिक रूप से एक विदेशी बैंक और 'फिनसिमेक्स' मिलकर संभालते रहे हैं. फिनसिमेक्स दरअसल 'गेसा' (GAESA) नाम के एक सैन्य संचालित समूह (कंग्लोडमरेट) की वित्तीय शाखा है. ट्रंप सरकार इस सैन्य समूह को पहले ही निशाना बना चुका है.
अमेरिका का सख्त रुख
अमेरिका का आरोप है कि गेसा पर्यटन, वित्तीय लेनदेन, विदेशों से भेजे जाने वाले पैसे (रेमिटेंस) और लॉजिस्टिक्स जैसे देश के सबसे अहम उद्योगों से होने वाले मुनाफे को चुपके से जमा करता है. अमेरिका के मुताबिक, इस पैसे का इस्तेमाल क्यूबा की सेना और वहां के अमीर कुलीन वर्ग के फायदे के लिए किया जा रहा है.
दूसरी तरफ, क्यूबा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. क्यूबा का कहना है कि गेसा ने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में हमेशा खुलकर योगदान दिया है.
विदेशी कंपनियों का क्यूबा से पलायन शुरू
ट्रंप प्रशासन के इस नए आदेश के बाद पिछले कुछ हफ्तों में क्यूबा से विदेशी कंपनियों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो गया है. निवेशक खुद को क्यूबा के उन संस्थानों से दूर कर रहे हैं जिन पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हैं. इसके चलते विदेशी होटल कंपनियां, एयरलाइंस और ग्लोबल शिपिंग फर्में क्यूबा से अपना कारोबार समेट रही हैं.