अपने से पहले प्रधानमंत्री ने मंगलवार को चीनी मीडिया से बातचीत की. उन्होंने ट्विटर पर तस्वीरें साझा करते हुए इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया, 'मैंने गरीबी से निपटने में हमारी विकासशील देशों को मदद करने की साझा जिम्मेदारी पर बात की.'
Interacted with the Chinese media, where I highlighted the strong potential of India-China ties.
— Narendra Modi (@narendramodi) I talked about our shared responsibility to help developing Nations, especially in poverty eradication.
— Narendra Modi (@narendramodi) Asia, being the land of Buddha has the responsibility to ensure that this is a century free from war.
— Narendra Modi (@narendramodi)
उधर प्रधानमंत्री के दौरे से पहले चीन के एक सरकारी अखबार ने उनकी आलोचना की है. अखबार ने अपनी एक खबर में उन पर अपनी घरेलू छवि चमकाने के लिए सीमा विवाद और सुरक्षा मुद्दों को लेकर ‘चाल चलने’ के आरोप लगाए गए हैं.शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज में शोधकर्ता हू झियोंग ने कहा, ‘सत्ता संभालने के बाद से मोदी ने जापान, अमेरिका, यूरोपीय देशों से भारत के संबंध बढ़ाने पर जोर दिया है ताकि देश के खराब आधारभूत ढांचे को ठीक किया जा सके और आर्थिक विकास को बढ़ाया जा सके.’
उन्होंने कहा, ‘लेकिन पिछले साल उनकी कूटनीतिक पहल से साबित हुआ है कि वह दूरदर्शी होने के बजाए यथार्थवादी हैं.’ लेख का शीर्षक है, ‘क्या मोदी के दौरे से चीन-भारत संबंध मजबूत होंगे?’