पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हाल ही में हुए घातक हमलों में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने महिलाओं को 'फिदायीन' (सुसाइड अटैकर) के रूप में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आ रही है. इस दावे से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें एक महिला पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की इमारत के आसपास रेकी करते हुए और फिर एक सैनिक पर गोलियों की बौछार करते हुए दिख रही है.
वायरल वीडियो में महिला हमलावर अपने पुरुष साथियों के साथ हंसते हुए और पाकिस्तानी सरकार को डरपोक कह रही है. वह कहती है कि पाकिस्तान डर के मारे सामने नहीं आ रहा है... वो हमारा सामना नहीं कर सकते और आज उसे पता चलेगा कि बलूच महिला लड़ाकों का सामना करना कितना मुश्किल है.
'अब दुश्मन के गिने-चुने दिन बचे हैं'
वीडियो में आगे महिला ने हिंसा को ही एकमात्र विकल्प बताते हुए कहा कि बलूच राष्ट्र को अब जागने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अब दुश्मन के दिन गिने-चुने हैं और उनकी ज्यादा ताकत नहीं बची. बलूच राष्ट्र को यह समझना होगा कि इस दुश्मन के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता.देखिए, आज हमारे लड़ाके अपनी जान कुर्बान कर रहे हैं.
हमले में 17 सुरक्षकर्मियों की मौत
दरअसल, बीएलए ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के विभिन्न शहरों और कस्बों में शुक्रवार से शुरू हुए समन्वित घातक हमलों की जिम्मेदारी ली है जो शनिवार तक जारी रहे. इन हमलों में कम से कम 50 लोग मारे गए, जिनमें कम से कम 17 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं.
वहीं, बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगटी ने रविवार को बताया कि सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल रखा है.
उन्होंने बताया कि शुक्रवार से शुरु हुए इन हमलों ने पूरे प्रांत में दहशत फैला दी है थी, जिसके जवाब में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई में 40 घंटे से अधिक समय तक लड़ाई की और अब तक 140 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया है.
बीएलए का 'ऑपरेशन हेरोफ'
दूसरी ओर बीएलए का दावा है कि उनकी ओर से ये हमले 'ऑपरेशन हेरोफ' (या 'ब्लैक स्टॉर्म') के दूसरे चरण के तहत किए गए थे, जिसमें बीएलए ने सुरक्षाबलों, पुलिस स्टेशनों, जेलों और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
संगठन ने दावा किया है कि इन हमलों में महिलाओं की भागीदारी से बलूच महिलाओं की बहादुरी और प्रतिरोध की भावना को दुनिया के सामने लाया गया है.