
पिछले शुक्रवार की रात से लेकर पूरे वीकेंड तक बलूच विद्रोहियों के हमलों ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया है. बलूचिस्तान के 12 अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा बलों, पुलिस और नागरिक ढांचे को निशाना बनाकर किए गए हमलों में कम से कम 17 सुरक्षाकर्मियों और 50 नागरिकों की मौत हो गई. बलूचिस्तान की आजादी की मांग कर रहे बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और अपने कई आत्मघाती हमलावरों की तस्वीरें भी जारी की हैं. वीकेंड में हमला करने वाले फिदायीन में कई महिलाएं भी शामिल हैं.
अब बीएलए ने मजीद ब्रिगेड के दो आत्मघाती हमलावरों की तस्वीर जारी की है. दोनों फिदायीन पति और पत्नी बताए जा रहे हैं. तस्वीर में बीएलए की महिला फिदायीन लड़ाका यास्मा बलोच उर्फ जरीना और अपने पति वसीम बलोच के साथ फ्रंट लाइन पर दिखाया गया है. यह तस्वीर पसनी हमले से जुड़ी बताई जा रही है.
यास्मा बलोच का जन्म 1997 में हुआ था और वो 2022 में बीएलए से जुड़ी. उनके पति वसीम बलोच का जन्म 1992 में हुआ था. वसीम 2014 में बीएलए में शामिल हुए थे. दोनों बुलेदा के आलंदूर इलाके के रहने वाले बताए गए हैं.
बीएलए के बयान में कहा गया, 'उन्होंने फाइनल स्टैंड पर खड़े होने से पहले एक-दूसरे के साथ शादीशुदा जिंदगी साझा की थी.'

इससे पहले बीएलए ने जारी की थी दो महिला फिदायीन की तस्वीरें
इससे पहले भी बीएलए ने अपने दो फिदायीन हमलावरों की तस्वीरें जारी की थी. दोनों ही महिलाएं थीं जिनमें से एक की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल के रूप में हुई. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी माना कि इन हमलों में से दो में महिला विद्रोही शामिल थीं.
बीएलए के बयान के मुताबिक, आसिफा मेंगल ने अपने 21वें जन्मदिन पर बीएलए की मजीद ब्रिगेड जॉइन की थी. संगठन का दावा है कि जनवरी 2024 में उसने फिदायीन बनने का फैसला किया और शनिवार को नुशकी में आईएसआई मुख्यालय को निशाना बनाने वाली हमलावर वही थी.
इसके कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर बीएलए की एक महिला लड़ाका का वीडियो वायरल हुआ. वीडियो में वो पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की एक इमारत के पास सावधानी से आगे बढ़ती दिखती है और फिर कई राउंड फायर करती है. भारी हथियार से लैस यह महिला अपने पुरुष साथियों के साथ हंसते हुए पाकिस्तानी सरकार का मजाक उड़ाती है और दावा करती है कि सरकार बीएलए का सामना करने में नाकाम है.