सीरिया से इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े 19 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, ऑस्ट्रेलिया पहुंचे. इन्हें लेकर दो विमान मंगलवार को मेलबर्न और सिडनी उतरे. ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने पहले ही चेतावनी दी थी कि लौटने वालों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जा सकते हैं.
जानकारी के अनुसार, 7 महिलाएं और 12 बच्चे कतर एयरवेज की उड़ानों से घर लौटे. करीब तीन हफ्ते पहले भी इसी तरह 13 लोगों का एक और समूह ऑस्ट्रेलिया वापस आया था.
पुलिस और खुफिया एजेंसी के संयुक्त बयान के मुताबिक, 7 बच्चे और 2 महिलाएं मेलबर्न पहुंचीं, जबकि लगभग एक घंटे बाद 6 बच्चों के साथ 4 महिलाएं सिडनी उतरीं.
बयान में कहा गया कि आगमन पर किसी पर भी तत्काल आरोप नहीं लगाए गए, लेकिन सीरिया में उनकी गतिविधियों की जांच जारी है. इससे पहले लौटे 4 महिलाओं में से 3 पर गुलामी और आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाए गए थे और वे अब भी जेल में हैं.
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अपराध करने वालों पर होगा सख्त एक्शन
ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स मिनिस्टर टोनी बर्क ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया लौट रहे 19 लोगों में से जिसने भी अपराध किए हैं, उन्हें कानून के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
बर्क ने अपने बयान में साफ कहा कि सरकार ने इस समूह को कोई सहायता नहीं दी है और भविष्य में भी नहीं देगी. बर्क ने कहा, 'ये वे लोग हैं जिन्होंने एक खतरनाक आतंकवादी संगठन में शामिल होने और अपने बच्चों को एक असहनीय स्थिति में डालने का भयावह विकल्प चुना है.'
उन्होंने आगे बताया कि ऑस्ट्रेलियाई कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियां 2014 से ही इनकी संभावित वापसी के लिए तैयारियां कर रही हैं. उनके प्रबंधन और निगरानी के लिए लंबे समय से योजनाएं मौजूद हैं. बर्क ने यह भी बताया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ऑस्ट्रेलियाई समुदाय की सुरक्षा है.