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अमेरिका: कोलोराडो के वॉटर सिस्टम पर हैकर्स का साइबर अटैक, सेटिंग्स बदलीं

अमेरिका के कोलोराडो में दो छोटे वाटर सिस्टम पर विदेशी हैकर्स ने साइबर अटैक किया और उपकरणों की सेटिंग में बदलाव कर दिए. हालांकि, इससे पानी की सप्लाई और क्वालिटी पर कोई खास असर नहीं पड़ा.

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अगस्त में कोलोराडो में हैकर्स ने वॉटर सिस्टम को निशाना बनाया. (Photo-Representative)
अगस्त में कोलोराडो में हैकर्स ने वॉटर सिस्टम को निशाना बनाया. (Photo-Representative)

अमेरिका में पानी की सप्लाई करने वाले सिस्टम भी साइबर हमलावरों के निशाने पर आ गए हैं. कोलोराडो में हैकर्स ने दो छोटे वॉटर सिस्टम को निशाना बनाया. हैकर्स ने सिस्टम से जुड़े डिवाइसेज की सेटिंग में कई बदलाव किए, जिसमें रिमोट एक्सेस बंद करना, अलार्म को डिएक्टिवेट करना और पंपिंग साइकिल में बदलाव करना शामिल था.

हालांकि, राहत की बात ये रही कि इन घटनाओं से न तो लोगों की सुरक्षा प्रभावित हुई और न ही पानी की सप्लाई बाधित हुई. कोलोराडो के गवर्नर जेरेड पोलिस के कार्यालय की प्रवक्ता एली सुलिवन ने शुक्रवार को ये जानकारी दी है.

दो निजी कंपनियों के सिस्टम निशाने पर

गवर्नर कार्यालय के मुताबिक, ये घटना निजी तौर पर संचालित वाटर यूटिलिटीज में हुई है. दोनों सिस्टम बेहद छोटे हैं और 200 से कम लोगों को पानी मुहैया कराते हैं. हैकर्स ने कुछ वक्त के लिए इन दोनों डिवाइसेज की सेटिंग बदल दी थी. 

हालांकि, दोनों कंपनियों ने जल्दी ही मामले को संभाला और प्रशासन को इसकी जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों जगहों पर वॉटर ट्रीटमेंट प्रोसेस और पानी की क्वालिटी पर असर नहीं पड़ा.

ईरान समर्थित ग्रुप पर नजर

गवर्नर ऑफिस ने कहा कि अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे कौन था. अधिकारियों को सूत्रों से जानकारी मिली थी कि ईरान समर्थित एक ग्रुप ड्रिंकिंग वाटर और वेस्टवाटर सिस्टम तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा है. 

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ये घटनाएं अगस्त के आखिर में हुईं थीं. इससे कुछ हफ्ते पहले ही अमेरिका के करीब एक दर्जन राज्यों में स्थानीय वाटर सिस्टम पर साइबर हमलों की खबरें सामने आई थी.  21 अगस्त की साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) की एडवाइजरी के मुताबिक, उस दौरान करीब 100 वाटर एंटिटीज को निशाना बनाया गया था.

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पहले भी बदली गई थीं मशीनों की सेटिंग

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने पहले हुए हमलों के तरीके को ईरान से जुड़े पुराने साइबर हमलों जैसा बताया था. इन हमलों में प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) को निशाना बनाया गया था. ये कंप्यूटर डिवाइस जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर में मशीनों और दूसरे डिवाइसेज को कंट्रोल करने का काम करते हैं. FBI ने 30 जुलाई को बताया था कि पहले के कुछ हमलों में वाटर ऑपरेशन पर असर पड़ा था.

हमलावरों ने IP एड्रेस बदले और सिस्टम में सेटिंग और पासवर्ड से जुड़े बदलाव किए.  इससे कुछ जगहों पर कर्मचारियों के कनेक्टेड डिवाइसेज पर कंट्रोल और निगरानी दोनों प्रभावित हुए. 

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