इजरायल के रक्षा मंत्री इस्राएल काट्ज के बाद विदेश मंत्री गिदोन सार ने एस्टोनिया के विदेश मंत्री के साथ संयुक्त प्रेस ब्रिफिंग में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी, बसिज फोर्सेज के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी और उनके डिप्टी के मारे जाने का दावा किया है. हालांकि, ईरान ने इजरायल के दावे को खारिज दिया है.
एस्टोनिया के विदेश मंत्री के साथ संयुक्त प्रेस ब्रिफिंग में बोलते हुए गिदोन सार ने कहा, अमेरिका ने पहले ही लारीजानी पर कई प्रतिबंध लगा रखे थे और उसके पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम भी घोषित किया हुआ था, लेकिन हमारे फोर्सेज ने उसको फ्री में मार डाला.
इजरायल के विदेश मंत्री ने बताया कि उनकी सेना ने ईरानी शासन के शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाकर आतंकवादी गतिविधियों पर कड़ा प्रहार किया है. लारीजानी और सुलेमानी जैसे चेहरों का खात्मा ईरान के अंदर दमनकारी नीतियों को कमजोर करने के लिए जरूरी था.
इजरायल का मानना है कि इन प्रभावशाली व्यक्तियों के मारे जाने के हटने के बाद अब ईरान के आम नागरिक खुद को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह अपने देश की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.
इजरायल का दावा है कि ये अधिकारी ईरान में उन लोगों के खिलाफ दमन के पीछे थे जो आजादी की मांग कर रहे थे. बसिज कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी की मौत को ईरानी सैन्य ढांचे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
ईरान ने खारिज किया दावा
वहीं, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के लारीजानी, बसिज फोर्सेज के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी और उनके डिप्टी को मार गिराए जाने के दावे को ईरान में खारिज कर दिया. ईरानी शासन ने कहा था कि लारीजानी जिंदा हैं और कुछ देर में वह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. साथ ही ईरान ने अमेरिकी और इजरायली सेना का मजाक उड़ाया था. हालांकि, अभी तक लारीजानी की प्रेस वार्ता को लेकर ईरान की ओर से कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है.
उधर, इजरायल ने अपनी इस कार्रवाई के जरिए संदेश दिया है कि वह दुनिया के किसी भी कोने में बैठे अपने दुश्मन और उनके आकाओं को बख्शने वाला नहीं है. इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात और भी नाजुक हो सकते हैं.
तीन बड़े टारगेट पर अटैक
आपको बता दें कि मंगलवार को इजरायल के सुरक्षाबलों ने जानकारी देते हुए बताया कि इजरायल ने 12 घंटे में तीन बड़े टारगेटों पर बड़ा अटैक किया. इजरायली सेना ने दावा किया कि इन हमलों में अली खामेनेई के सलाहकार अली लारीजानी, बसिज फोर्सेज के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी और उसका डिप्टी मारा गया है. उन्होंने इन हमलों को ईरान की कमान को कमजोर करने का निर्णायक कदम बताया है.