पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से सुलग रहा सीमा विवाद गरम हो गया है. पाकिस्तान ने बुधवार को दावा किया कि उसने अफगानिस्तान की सीमा के भीतर मौजूद आतंकी ठिकानों पर रातभर एयरस्ट्राइक की है. इस कार्रवाई में 26 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है. दूसरी तरफ अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि पाकिस्तान में हाल के दिनों में हुई आतंकी घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई का फैसला लिया. पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र में सक्रिय 'फितना अल ख्वारिज' से जुड़े आतंकियों के ठिकानों को चुनकर निशाना बनाया गया. पाकिस्तान प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को 'फितना अल ख्वारिज' कहता है.
अताउल्लाह तरार ने कहा कि ऑपरेशन पूरी तरह खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया. इसमें 26 आतेकी मारे गए हैं. लेकिन इन हमलों के बाद काबुल ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना आम नागरिकों को निशाना बनाकर हमला किया है. इसमें बच्चे, बूढे और महिलाएं शामिल हैं. पिछले साल अक्टूबर के बाद यह तीसरा मौका है जब दोनों पड़ोसी खुले सैन्य टकराव जैसी स्थिति में पहुंचे हैं.
पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि हाल की कई आतंकी घटनाओं ने सरकार को जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर किया. इनमें 9 जून को मूसा दारा में फेडरल कॉन्स्टेबुलरी पोस्ट पर हमला, 2 जून को नॉर्थ वजीरिस्तान में एक सैन्य चौकी पर वाहन आधारित आत्मघाती हमला और 9 मई को बन्नू के पुलिस स्टेशन पर हमला शामिल हैं. इन हमलों की साजिश अफगानिस्तान की धरती पर रची गई. आतंकियों को संरक्षण मिला.
अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर आतंकी कैंपों और सुरक्षित ठिकानों को निशाना बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि चार अहम टारगेट पूरी तरह नष्ट कर दिए गए. इनमें एक ट्रेनिंग सेंटर, एक बड़ा ठिकाना, गोला-बारूद का भंडार के साथ फितना अल ख्वारिज के कमांडर अलीम खान खुशाली और अख्तर मुहम्मद जानी खेल का मराकिज़ शामिल था.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहा है, लेकिन अपने नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है. दूसरी ओर अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के दावों को चुनौती दी है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सैन्य विमानों ने अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए बमबारी की है.
इनमें कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांत शामिल हैं. इन हमलों का निशाना आम नागरिकों के घर बने. इन एयरस्ट्राइक में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा 14 अन्य महिलाएं और बच्चे घायल हुए हैं. अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान आतंक के नाम पर नागरिक आबादी को निशाना बना रहा है, जबकि पाकिस्तान इस आरोप को खारिज करता रहा है.
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वो अपनी धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकी संगठनों द्वारा किए जाने से रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा. इस्लामाबाद का दावा है कि TTP और उससे जुड़े संगठन अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकानों से पाकिस्तान के भीतर हमलों की साजिश रचते हैं. वहीं काबुल इन आरोपों को अक्सर खारिज करता रहा है.
ताजा एयरस्ट्राइक ऐसे समय हुई है जब चीन दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने और संवाद बहाल कराने की कोशिशों में जुटा है. बीजिंग लंबे समय से चाहता है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा विवाद तथा सुरक्षा मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाएं. लेकिन मौजूदा घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं.