कोलकाता पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता सचिन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है. सचिन कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 36 के टीएमसी पार्षद हैं. पुलिस ने उन्हें साल 2021 के विधानसभा चुनाव नतीजों के तुरंत बाद हुई चुनावी हिंसा के मामलों में हिरासत में लिया है.
बेलियाघाटा रोड के रहने वाले सचिन सिंह को मंगलवार (2 जून 2026) को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, नारकेलडांगा थाने में BNS 2023 के तहत हाल ही में दो अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. इन दोनों ही मामलों में टीएमसी पार्षद मुख्य आरोपी हैं.
जब पुलिस सचिन कुमार सिंह को गिरफ्तार करने पहुंची, तो स्थानीय लोग उनके घर के बाहर जमा हो गए. लोगों ने राजनीतिक प्रभाव के गलत इस्तेमाल और डराने-धमकाने के आरोपों को लेकर जमकर नारेबाजी भी की.
घर में तोड़फोड़ और चोरी का आरोप
पहला मामला 27 मई 2026 को बेलियाघाटा रोड के निवासी आदर्श पांडे ने दर्ज कराया था. आदर्श पांडे ने आरोप लगाया कि 4 मई 2021 की दोपहर करीब 3:30 बजे (चुनाव नतीजे आने के ठीक बाद) कुछ लोग आपसी साठगांठ कर उनके घर में घुस आए.
इस FIR में टीएमसी पार्षद के साथ मुकेश यादव, ओम प्रकाश भास्कर, विकास यादव, पप्पू यादव, शैलेश यादव और राम बाबू राय सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं. आरोप है कि इस भीड़ ने आदर्श के घर में जमकर तोड़फोड़ की, कीमती सामान चुरा लिया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी.
मारपीट और घर में जबरन घुसने के आरोप
पार्षद सचिन सिंह के खिलाफ दूसरी एफआईआर 17 मई 2026 को दर्ज की गई थी. ये शिकायत शिबतला लेन के रहने वाले चंद्र प्रकाश सिंह ने दर्ज कराई थी. चंद्र प्रकाश का आरोप है कि 2021 के चुनावी नतीजे आने के बाद सचिन कुमार सिंह और उनके साथियों ने मिलकर भीड़ जुटाई. ये भीड़ जबरन उनके घर में घुस गई और उनके साथ मारपीट की. इसके साथ ही उनके पूरे घर को तहस-नहस कर दिया.
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अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
मंगलवार को हुई इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस वार्ड 36 के पार्षद सचिन सिंह से नारकेलडांगा थाने में कड़ी पूछताछ कर रही है. पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन मामलों में शामिल दूसरे आरोपी इस समय कहां छिपे हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सचिन सिंह को बहुत जल्द अदालत में पेश किया जाएगा.