पश्चिम बंगाल के मालदा में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर, खासकर बैष्णबनगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सुखदेवपुर सीमा इलाके में तनाव पैदा हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, बिना बाड़ वाले हिस्से का फायदा उठाकर कई बांग्लादेशी नागरिक भारतीय सीमा के अंदर घुस आए. शनिवार को बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने इन बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया और उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की कोशिश की.
हालांकि, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने उन्हें रोक दिया. इससे सीमावर्ती इलाके में भारी तनाव पैदा हो गया है और स्थिति अभी भी बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है. BGB के साथ-साथ बड़ी तादाद में बांग्लादेशी नागरिक भी सीमावर्ती इलाके में जमा हो गए हैं.
इस बीच, बीएसएफ किसी भी भारतीय नागरिक को सीमावर्ती इलाके के पास नहीं जाने दे रही है. सीमा पर लाल झंडा फहराया गया है और हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.
बांग्लादेश की संसद में पुश-इन की चर्चा
पिछले दिनों बांग्लादेश के गृह मंत्री ने सीमाओं पर भारत के मौजूदा "पुश-इन" अभियान की भी आलोचना की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद से BGB ने BSF की 36 "पुश-इन" कोशिशों को रोका है.
उन्होंने कहा कि 5 अगस्त, 2024 से BSF द्वारा बांग्लादेश में धकेले गए 2,369 लोगों में से कुल 2,175 लोगों को संबंधित पुलिस स्टेशनों को सौंपा गया, 11 लोगों को वापस BSF को सौंप दिया गया और 183 लोगों को वापस भेज दिया गया.
लेकिन बांग्लादेश के गृह मंत्री ने यह नहीं कहा कि उनकी सरकार अवैध रूप से भारत आने वाले लोगों को रोकने के लिए क्या कर रही है.
बांग्लादेश के गृह मंत्री का यह बयान तब आया, जब बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर को बुलाकर दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री के एक सलाहकार से जुड़ी घटना पर अपनी "गहरी निराशा" जाहिर की थी.