कोलकाता के आनंदपुर इलाके में स्थित 'Wow! Momo' के गोदाम और उससे सटे एक अन्य वेयरहाउस में लगी भीषण आग में अब तक 16 लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कम से कम 13 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है. फॉरेंसिक टीमें जले हुए ढांचे के भीतर से अवशेषों की पहचान में जुटी हुई हैं.
यह आग 26 जनवरी की तड़के करीब 3 बजे आनंदपुर के नजीराबाद इलाके में स्थित दो गोदामों में लगी. इनमें से एक गोदाम में सूखे फूल रखे गए थे, जबकि दूसरा क्विक सर्विस रेस्टोरेंट और पैकेज्ड फूड कंपनी Wow! Momo का था. दमकल अधिकारियों के मुताबिक, दोनों गोदामों में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने बेहद तेजी से विकराल रूप ले लिया.
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि गोदाम में सूखा खाद्य सामान और पैकेज्ड उत्पाद बड़ी मात्रा में रखे थे, जिससे आग और भड़क गई. बाहर से आग काबू में दिखने के बावजूद भीतर लंबे समय तक आग सुलगती रही.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोदाम के अंदर अब भी जले हुए हड्डियों के टुकड़े मिले हैं, जिससे तबाही की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है. पहले दिन तीन शव बरामद किए गए थे, जिसके बाद मलबा हटाने के लिए अर्थ मूविंग मशीन लगाई गई. 27 जनवरी की शाम तक आठ शव मिले और इसके बाद आठ और शवों की बरामदगी हुई.
21 मजदूरों की गुमशुदगी की रिपोर्ट
घटना की खबर मिलते ही गोदाम में काम करने वाले मजदूरों के परिजन मौके पर पहुंच गए. दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर थाने में परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई कि वे अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उनके मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं. बाद में 21 मजदूरों के लापता होने की शिकायत दर्ज की गई. इस हादसे में चार मजदूर एक-दूसरे को आवाज देकर किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे.
बताया जा रहा है कि मृतक और लापता मजदूरों में से कई पूर्वी मेदिनीपुर के मोयना विधानसभा क्षेत्र के निवासी थे. बीजेपी विधायक और पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा ने दावा किया कि इलाके के कम से कम 24 मजदूर गोदाम में फंसे हुए थे.
घटना के बाद राज्य मंत्री अरूप बिस्वास, सांसद सायनी घोष और सुजीत बोस ने घटनास्थल का दौरा किया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम भी मौके पर पहुंचे और इसे बेहद दुखद हादसा बताया. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
शवों की पहचान मुश्किल होने के कारण डीएनए जांच की तैयारी की जा रही है, जिसके लिए परिजनों के रक्त नमूने लिए जाएंगे. Wow! Momo ने पुष्टि की है कि इस हादसे में उसके दो कर्मचारी और एक कॉन्ट्रैक्टेड सुरक्षा गार्ड की मौत हुई है. कंपनी ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा, आजीवन मासिक वेतन सहायता और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की है.
वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है. यह सहायता डीएनए जांच और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद दी जाएगी.
दमकल विभाग ने स्वीकार किया है कि गोदामों के पास अनिवार्य फायर सेफ्टी क्लीयरेंस नहीं था. पुलिस ने गोदाम मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और एक मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार कर 4 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. मामले की जांच जारी है और लापता लोगों की तलाश अभी भी चल रही है.