पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे ने कई परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया. इस हादसे में जान गंवाने वाली एक नर्स की मां अपनी इकलौती बेटी को खोने के गम में टूट गई हैं. बेटी की मौत के बाद मां ने रोते हुए कहा कि घर-घर की दुर्गा चली गई. मेरी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही. वह मेरी इकलौती बेटी थी. दरअसल, उनकी बेटी टाटा ऑन्कोलॉजी में नर्स के तौर पर काम करती थी. परिवार के लिए वह सिर्फ बेटी नहीं, बल्कि उनकी पूरी दुनिया थी.
'एक परिवार की बेटी चली गई, जिम्मेदार कौन है?'
बेटी को खोने का दर्द बयां करते हुए मां ने पंडाल में हुए हादसे पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं. इसके बावजूद दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजन में ऐसा हादसा कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि जिन लोगों की जिम्मेदारी सुरक्षा व्यवस्था संभालने की थी, उन्हें जवाब देना होगा. मां ने सवाल किया कि आखिर इस घटना की जिम्मेदारी कौन लेगा, जिसने एक परिवार से उसकी इकलौती बेटी छीन ली.
दरअसल, यह हादसा उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ. शनिवार शाम बड़ी संख्या में लोग मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान बारिश और भीड़ के दबाव के बीच पंडाल में अफरा-तफरी मच गई. जानकारी के मुताबिक, पंडाल का एक हिस्सा ढह गया. एग्जिट गेट के पास भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. हादसा शाम करीब 7:40 बजे गिरिश पार्क थाना क्षेत्र में हुआ.
हादसे में 17 लोगों की मौत, कई घायल
इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए है. घायलों को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया. घटना के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया. हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है.