पश्चिम बंगाल के चिंगरीघाटा इलाके में सड़क पर फिसलने से दो बाइक के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. घटना को लेकर TMC की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है.
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि TMC को बंगाल के लोगों और उनकी समस्याओं को लेकर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा, 'अगर 15 साल में TMC ने कुछ किया होता तो बोलने का हक रहता. 15 साल तक आप लोगों ने कुछ नहीं किया.'
मंत्री ने राज्य में बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी पिछली सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों को तो छोड़ ही दिया गया, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान नहीं दिया गया. उनके मुताबिक कई जगहों पर सड़क, ड्रेन, डिवाइडर, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति खराब रही.
रंग और सौंदर्यीकरण पर भी जवाब
चिंगरीघाटा में सड़क पर किए गए रंग और सौंदर्यीकरण को लेकर उठ रहे सवालों पर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह काम पूजा से पहले कराया गया था और इसमें सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि यह काम CSR के जरिए कराया गया है.
बाइक फिसलने की घटना को लेकर उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने बताया कि इंजीनियरों को मौके पर भेजा गया है और KMDA के CEO नितिन सिंघानिया के साथ कोलकाता पुलिस, विधाननगर पुलिस, पुलिस के DG और PWD के अधिकारी भी मामले को देख रहे हैं. मंत्री ने कहा कि दुर्घटना की वजह का पता लगाने और जरूरी कार्रवाई के लिए प्रशासन काम कर रहा है और उसी रात आवश्यक कदम उठाने की कोशिश की जाएगी.
लोगों को प्राथमिकता पहले
सड़क पर इस्तेमाल किए गए रंग को लेकर अगर लोगों को लगता है कि उससे आंखों में परेशानी हो रही है या वाहन फिसलने का खतरा बढ़ रहा है, तो उसे हटाने की बात भी अग्निमित्रा पॉल ने कही. उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने दावा किया कि एंटी-स्किड पेंट का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन अगर इसके बावजूद फिसलने की समस्या सामने आती है तो रंग को हटाने में कोई दिक्कत नहीं है.
वीडियो को लेकर सवाल
वहीं, चिंगरीघाटा हादसे के वायरल वीडियो को लेकर भी मंत्री ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें कई लोगों से यह बताया गया है कि वीडियो AI से बनाया गया हो सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो पुलिस को दे दिया गया है और पुलिस इसकी जांच करेगी. उन्होंने कहा कि उन्हें घटना के वास्तविक होने की संभावना लग रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. इस पूरे मामले में अब चिंगरीघाटा हादसे की तकनीकी जांच और सड़क की स्थिति में सुधार पर प्रशासन की कार्रवाई के साथ-साथ TMC और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गया है.