पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में गुरुवार को राजनीतिक तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया, जब भ्रष्टाचार और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता सुकुमार दत्ता पर कोर्ट ले जाते समय कथित तौर पर अंडे फेंके गए.
बता दें, न्यू टाउनशिप पुलिस ने दत्ता को गिरफ्तार किया था. जब पुलिस उन्हें दुर्गापुर सब-डिविजनल कोर्ट ले जा रही थी, तभी थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने दत्ता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दत्ता को ले जाए जाने के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन किया. इसी हंगामे के बीच भीड़ से दत्ता पर अंडे फेंके गए. इस घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी.
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इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता स्वाधीन राय ने बताया कि अंडा फेंकने की यह घटना बीजेपी द्वारा प्रायोजित नहीं थी, बल्कि इसकी वजह तृणमूल नेता के खिलाफ आम जनता का गुस्सा है.
स्वाधीन राय ने आरोप लगाया कि दत्ता पर लंबे समय से भूमि हड़पने, जबरन वसूली और स्थानीय निवासियों को धमकाने के आरोप लगते रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है.
बीजेपी नेता ने आगे दावा किया कि निवासियों ने सालों तक उत्पीड़न और शोषण सहा है, जिसके कारण दत्ता के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया है. उन्होंने गिरफ्तार तृणमूल नेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और इस पूरे मामले में शामिल अन्य स्थानीय नेताओं की भूमिका की जांच करने की भी अपील की, जिन पर कथित गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप है.
इस गिरफ्तारी और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शन ने क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है.