scorecardresearch
 

'जांच में सहयोग क्यों नहीं कर रहे?', हाईकोर्ट ने TMC नेता अभिषेक बनर्जी को लगाई फटकार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को 15 जुलाई को बिधाननगर अदालत में वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया. कोर्ट ने जांच में सहयोग नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि आदेशों की अवहेलना पर अंतरिम राहत पर पुनर्विचार किया जा सकता है.

Advertisement
X
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को 15 जुलाई तक वॉयस सैंपल देने का आदेश दिया. (Photo-ITG)
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को 15 जुलाई तक वॉयस सैंपल देने का आदेश दिया. (Photo-ITG)

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका देते हुए उन्हें 15 जुलाई को बिधाननगर एसीजेएम कोर्ट में पेश होकर अपना वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया है. अदालत ने जांच में सहयोग नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि निचली अदालत के आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

मामला बिधाननगर साइबर पुलिस थाने में दर्ज एक केस से जुड़ा है. सुनवाई के दौरान जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा, "आप वॉयस टेस्ट देने कब जाएंगे?"

जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि उन्होंने 21 मई को अभिषेक बनर्जी को किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी, लेकिन उसके साथ यह भी स्पष्ट निर्देश दिया था कि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा.

उन्होंने कहा, "मैंने आपको व्यापक सुरक्षा दी थी. इसके बावजूद आप निचली अदालत के आदेश के अनुसार वॉयस टेस्ट नहीं दे रहे हैं और एक अदालत से दूसरी अदालत जाकर आदेश को चुनौती दे रहे हैं. आखिर जांच में सहयोग क्यों नहीं कर रहे?"

कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि याचिका वापस नहीं ली गई तो वह अपने पहले दिए गए अंतरिम संरक्षण के आदेश पर भी पुनर्विचार कर सकता है और याचिका को भारी जुर्माने के साथ खारिज किया जा सकता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: चुनावी भाषण मामले में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को झटका, कोर्ट ने मांगा वॉयस सैंपल

वकील ने वापस ली याचिका
अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अयान भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि वे यह याचिका वापस ले रहे हैं. हालांकि उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि जब अभिषेक बनर्जी निचली अदालत में पेश हों तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, क्योंकि उनके ऊपर अंडे फेंके जाने की घटनाएं हुई हैं.

इस पर न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि यदि सुरक्षा संबंधी निर्देश चाहिए थे तो इसके लिए पहले के आदेश में संशोधन की मांग वाली अलग याचिका दायर की जानी चाहिए थी. हालांकि अदालत ने मौखिक रूप से राज्य के लोक अभियोजक और अतिरिक्त महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि पुलिस अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए.

15 जुलाई को देना होगा वॉयस सैंपल
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पीठ पहले ही पुलिस को अदालत परिसर में अंडे फेंकने जैसी घटनाओं को रोकने के निर्देश दे चुकी है. इसके बाद अभिषेक बनर्जी की ओर से याचिका औपचारिक रूप से वापस ले ली गई. अब हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार उन्हें 15 जुलाई को बिधाननगर एसीजेएम कोर्ट में उपस्थित होकर जांच एजेंसियों को अपना वॉयस सैंपल देना होगा. साथ ही उन्हें 28 जुलाई तक अंतरिम संरक्षण भी प्राप्त रहेगा.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement