पश्चिम बर्धमान के पांडवेश्वर में दो अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किए गए एक टीएमसी नेता और एक कथित बालू माफिया को लेकर शुक्रवार को उस समय हंगामा मच गया, जब उन्हें दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया गया. थाने से पुलिस वाहन तक लाने के दौरान गिरफ्तार दोनों आरोपियों को देखकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और उन पर अंडे फेंके.
पुलिस के मुताबिक, साल 2002 के एक पुराने मामले में लंबित वारंट के आधार पर बालू माफिया युधिष्ठिर घोष को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, स्थानीय टीएमसी नेता और पेशे से शिक्षक नित्यानंद अधिकारी उर्फ नीतू मास्टर को चुनाव के दौरान कथित धमकी, हिंसा और बमबाजी से जुड़े आरोपों में पांडवेश्वर थाना पुलिस ने श्यामला इलाके से गिरफ्तार किया.
दोनों को अदालत में पेश किया गया. अदालत परिसर के बाहर मौजूद लोगों ने नित्यानंद अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. चश्मदीदों ने उन पर भ्रष्टाचार, राजनीतिक दबाव और एक महिला को प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए.
मामले में क्या आरोप लगे?
मृतका महिला के पति सुषांत सूत्रधर ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उनकी पत्नी पर मानसिक दबाव बनाया गया था. उन्होंने कहा कि नित्यानंद अधिकारी की वजह से मेरी पत्नी की जान गई है. जब मैं घर पर नहीं था, तब मेरी पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, धमकियां दी गईं और घर की रिकॉर्डिंग करवाई गई. उसी दबाव की वजह से मेरी पत्नी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया.
सुषांत सूत्रधर ने यह भी दावा किया कि उनके बेटे को बहला-फुसलाकर और प्रभावित कर राजनीतिक बयान दिलवाए गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी घटना राजनीतिक साजिश का हिस्सा थी.
वहीं, बेलडांगा निवासी उर्मिला नामक एक महिला ने भी नित्यानंद अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए. उर्मिला ने कहा कि हम लोगों के घर में आकर तोड़फोड़ की गई. हमने विरोध किया तो हमारे ऊपर केस कर दिया गया. हम लोगों पर दबाव बनाया जाता था कि पार्टी के कार्यक्रम और रैली में जाना होगा. टीएमसी को वोट देने के लिए भी दबाव डाला जाता था. 2021 में भी हम लोगों पर काफी अत्याचार हुआ था.
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बीजेपी प्रवक्ता सुमंत मंडल का कहना है कि टीएमसी के शासन के दौरान पश्चिम बंगाल में चोरी, डकैती, कोयला माफिया और बालू माफिया का नेटवर्क संस्थागत रूप ले चुका था. युधिष्ठिर घोष जैसे लोग इस पूरे सिस्टम को चला रहे थे. हमारे नेता शुभेंदु अधिकारी ने पहले ही कहा था कि ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और आज वह बात सच साबित हो रही है. आने वाले दिनों में युधिष्ठिर घोष जैसे बालू और कोयला माफियाओं की जगह जेल में होगी, जिन्होंने भ्रष्टाचार, लूट और अवैध कारोबार किया है, उनमें से किसी को भी छूट नहीं मिलेगी.
घटना के दौरान अदालत परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहे. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. वहीं, चश्मदीदों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल, दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.