Uttar Pradesh News: रामपुर पुलिस ने मुरादाबाद निवासी सपा नेता युसूफ मलिक के खिलाफ भ्रामक अफवाह फैलाने और धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है. युसूफ मलिक ने 14 मार्च को रामपुर जेल में आजम खान और उनकी पत्नी तजीन फातिमा से मुलाकात की थी. जेल से बाहर निकलकर उन्होंने मीडिया से कहा कि आजम खान ने मुसलमानों से ईद पर खुशियां न मनाने, काले कपड़े पहनने और काली पट्टी बांधने की अपील की है. यह अपील ईरान पर हुए हमले में 160 स्कूली बच्चियों की मौत के विरोध में बताई गई थी. पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए गंज थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
ईरान-इजरायल युद्ध का हवाला देकर की थी अपील
सपा नेता युसूफ मलिक ने आजम खान के हवाले से दावा किया था कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए आक्रमण के विरोध में मुस्लिम समाज को इस बार सादगी से ईद मनानी चाहिए. वायरल वीडियो में उन्होंने कहा कि बच्चियों की दर्दनाक मौत के शोक में मुस्लिम समुदाय ईद की खुशियां न मनाए.
प्रशासन ने इसे शांति भंग करने और अफवाह फैलाने की कोशिश माना है. अपर पुलिस अधीक्षक रामपुर अनुराग सिंह के अनुसार, इस तरह के संदेशों से समाज में भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही थी, जिसे देखते हुए कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, गिरफ्तारी की तैयारी
रामपुर के थाना गंज में तैनात एक उप निरीक्षक की तहरीर पर युसूफ मलिक के विरुद्ध बीएनएस की धारा 196(1), 153(2) और 57 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है. एएसपी ने स्पष्ट किया कि किसी विशेष धर्म के लोगों को पर्व के दिन अलग तरह के कपड़े पहनकर विरोध करने के लिए उकसाना अपराध की श्रेणी में आता है.
फिलहाल, पुलिस वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की विवेचना कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी.