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'उसे बड़ा आदमी बनना था, फैमिली से अब वास्ता नहीं...' यूट्यूबर सलीम वास्तिक के भाई ने बताई कहानी

एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक कई दशक से पुलिस को चकमा दे रहा था. वह खुद को मृत दिखाकर जिंदगी जी रहा था. उसने अपनी पहचान एक एक्टिविस्ट और यूट्यूबर के रूप में बनाई. वह पहचान बदलता रहा और नई जिंदगी की परतों के पीछे अपना अतीत छिपाता रहा. उसके भाई का कहना है कि सलीम गलत रास्ते पर चला गया था, परिवार ने उससे दूरी बना ली थी.

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31 साल पहले बच्चे की कर दी थी हत्या. (Photo: ITG)
31 साल पहले बच्चे की कर दी थी हत्या. (Photo: ITG)

वह दुनिया के सामने खुद को सलीम वास्तिक बताता था. वह 26 साल तक पुलिस से बचता रहा. सोशल मीडिया पर अलग पहचान बनाई, यूट्यूबर बन गया... और आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी ने 1995 के पुराने सनसनीखेज मामले को चर्चा में ला दिया है. उसके भाई मुजफ्फर हसन ने कहा कि सलीम “गलत रास्ते पर चला गया था. परिवार से उसका कोई लेना देना नहीं है.

सलीम का जन्म साल 1972 में शामली के नानूपुरा मोहल्ले में हुआ था. उसने शामली में ही शाओलिन कुंगफू मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली. बाद में दिल्ली जाकर दरियागंज स्थित स्कूल में मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर के रूप में काम किया. इसके साथ ही उसने मुस्तफाबाद इलाके से जैकेट सप्लाई का कारोबार भी शुरू किया था. इसी दौरान वह अनिल के संपर्क में आया और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया.

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सलीम का परिवार शामली में रहता है. उसके बड़े भाई मुजफ्फर हसन ने बताया कि कई वर्षों से उनका सलीम से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि सलीम हमेशा बड़ा आदमी बनने और अधिक पैसा कमाने की चाहत रखता था, जिसके चलते उसने गलत रास्ता अपना लिया. परिवार ने उससे दूरी बना ली थी और उसकी गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं रखा.

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यह भी पढ़ें: मार्शल आर्ट्स ट्रेनर था, बच्चे का किया था कत्ल... 31 साल बाद गिरफ्तार यूट्यूबर सलीम वास्तिक की कहानी

कुछ सप्ताह पहले गाजियाबाद के लोनी में सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उसे 14 चाकू मारे गए थे. इस मामले में यूपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था.

1995 का वह खौफनाक मामला

यह कहानी है साल 1995 की, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी का 13 साल का बेटा संदीप बंसल अचानक गायब हो गया था. वह रोज की तरह स्कूल के लिए निकला था, लेकिन उस दिन उसके घर लौटने का इंतजार कभी खत्म नहीं हुआ. अगले दिन परिवार के पास एक फोन आया- 30 हजार रुपये की फिरौती की मांग. धमकी थी- पुलिस को बताया तो बच्चे की जान चली जाएगी.

लेकिन कुछ ही दिनों में जो हुआ, उसने इलाके को हिला दिया. मामला सिर्फ अपहरण का नहीं था, बल्कि हत्या तक पहुंच चुका था. जांच में जिस नाम पर शक गया, वह था सलीम खान- एक मार्शल आर्ट्स ट्रेनर, जो उसी स्कूल से जुड़ा था, जहां बच्चा पढ़ता था.

Salim Vastik Hid Identity As YouTuber Arrested 26 Years Brother Statement

पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया और उसके साथी अनिल का नाम भी सामने आया. बाद में बच्चे का शव बरामद हुआ, जिसने पूरे केस को एक दर्दनाक मोड़ दे दिया. साल 1997 में कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई. साल 2000 में सलीम को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली. जमानत के बाद वह कोर्ट में वापस नहीं लौटा. वह फरार हो गया.

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उसके बाद शुरू हुआ पहचान बदलने का सफर. वह हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छिपता रहा. उसने खुद को नई पहचान दे दी- सलीम वास्तिक. बाहर की दुनिया के लिए वह एक अलग इंसान बन चुका था. डिजिटल दुनिया में उसने खुद को यूट्यूबर के रूप में पेश किया- 'सलीम वास्तिक 0007' नाम से वह वीडियो बनाता, बोलता, अपनी बात रखता और नई छवि गढ़ता रहा. यह भी सामने आया कि उसकी जिंदगी पर फिल्म बनाने के लिए एक प्रोड्यूसर ने उसे 15 लाख रुपये एडवांस तक दे दिए थे.

Salim Vastik Hid Identity As YouTuber Arrested 26 Years Brother Statement

इसी बीच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि यूट्यूब पर एक्टिव यह शख्स दरअसल वही पुराना फरार अपराधी है. इसके बाद जांच हुई, पुराने रिकॉर्ड निकाले गए, फिंगरप्रिंट मिलाए गए, तस्वीरों की जांच हुई. आखिरकार गाजियाबाद के लोनी इलाके में छापेमारी कर सलीम वास्तिक को गिरफ्तार कर लिया गया. डीसीपी क्राइम संजीव यादव ने कहा कि इस मामले की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया और उसे गिरफ्तार कर लिया.

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