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सहारनपुर का 'जादुई' आम: साल के 12 महीने देता है फल, एक ही पेड़ पर एक साथ दिखते हैं बौर, कच्चा और पका आम!

सहारनपुर में ‘सदाबहार’ नाम का एक अनोखा आम का पेड़ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यह पेड़ पूरे 12 महीने फल देता है और एक ही समय पर इसमें बौर, छोटे फल और पके आम दिखाई देते हैं. ऑर्गेनिक तरीके से तैयार यह पेड़ किसानों के लिए भी कमाई का नया साधन बन रहा है. दूर-दूर से लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं.

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मौसम की सीमा तोड़ता ‘सदाबहार’ आम. (Photo: Screengrab)
मौसम की सीमा तोड़ता ‘सदाबहार’ आम. (Photo: Screengrab)

आम की बात हो और सहारनपुर का नाम न आए, यह लगभग असंभव है. उत्तर प्रदेश का सहारनपुर पहले से ही अपनी बेहतरीन आम की किस्मों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां एक ऐसा विशेष आम का पेड़ मौजूद है जो लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है. इस आम की वैरायटी का नाम ‘सदाबहार’ है, जो अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण दूर-दूर से आने वाले लोगों को आकर्षित कर रहा है.

इस ‘सदाबहार’ आम के पेड़ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरे 12 महीने फल देता है. सामान्य आम के पेड़ सिर्फ एक निश्चित मौसम में ही फल देते हैं, लेकिन यह वैरायटी इस परंपरा को पूरी तरह बदल देती है। साल के किसी भी समय इस पेड़ पर फल देखे जा सकते हैं, जो इसे अन्य सभी आमों से अलग बनाता है.

इस पेड़ की एक और अनोखी विशेषता यह है कि एक ही समय पर इस पर बौर, छोटे फल और पकने के लिए तैयार आम एक साथ दिखाई देते हैं. यह दृश्य इसे और भी आकर्षक बनाता है. आमतौर पर आम के पेड़ों में यह चरण अलग-अलग समय पर होते हैं, लेकिन सदाबहार आम में यह सब एक साथ देखने को मिलता है.

एक पेड़, तीन रूप, बौर, कच्चा और पका आम 

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सहारनपुर के प्रकृति प्रेमी किसान राजेंद्र अटल ने बताया कि उनके प्रकृति कुंज में कई दुर्लभ पौधों का संरक्षण किया जा रहा है. उन्हीं में से यह सदाबहार आम का पेड़ भी है, जो अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इस पेड़ ने लगातार फल दिए थे और इस वर्ष भी इसकी उत्पादकता जारी है. वर्तमान में पेड़ पर नई बौर आ रही है, छोटे फल भी लगे हुए हैं और कुछ आम पकने की अवस्था में हैं.

राजेंद्र अटल के अनुसार यह पूरा पेड़ पूरी तरह से ऑर्गेनिक तरीके से तैयार किया गया है. इसकी खेती में किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद या केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता, फिर भी यह अच्छा उत्पादन दे रहा है. यह इसे और भी खास बनाता है क्योंकि प्राकृतिक तरीके से तैयार होने के बावजूद इसकी गुणवत्ता और मिठास उत्कृष्ट है.

उन्होंने बताया कि उनके पास इस विशेष किस्म के लगभग 20 पेड़ मौजूद हैं और वो कलम के माध्यम से नए पौधे भी तैयार कर रहे हैं. इच्छुक लोग इस पौधे को 300 से 400 रुपये की कीमत में प्राप्त कर सकते हैं. यह जानकारी किसानों और बागवानों के बीच विशेष रुचि पैदा कर रही है. इस आम का स्वाद बेहद मीठा और खुशबूदार बताया जाता है. इसका आकर्षक रूप और सालभर फल देने की क्षमता इसे बाजार में भी खास बनाती है. जो लोग इसे एक बार चखते हैं, वो इसकी तारीफ किए बिना नहीं रहते.

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20 पेड़ों की बागवानी से बढ़ रही नई उम्मीद

सहारनपुर का यह सदाबहार आम न सिर्फ अपने स्वाद के लिए बल्कि अपनी अनोखी खेती और उत्पादन क्षमता के कारण भी चर्चा में है. यह वैरायटी किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक नया विकल्प भी बन सकती है. सालभर फल देने की क्षमता इसे आर्थिक रूप से भी लाभकारी बनाती है. दूर-दूर से लोग इस पेड़ को देखने के लिए सहारनपुर पहुंच रहे हैं. यह आम की दुनिया में एक नई पहचान बनाता हुआ धीरे-धीरे लोकप्रियता हासिल कर रहा है और अपनी मिठास और विशेषताओं के कारण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
 

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