विजयनगर क्षेत्र के डूंडाहेड़ा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के दूषित पानी के नमूनों में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस (वीडीपीवी) टाइप-1 की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिले में विशेष निगरानी, स्वास्थ्य सर्वे और टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रही हैं और उन्हें पोलियो रोधी खुराक पिला रही हैं.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चंद्र वैश्य ने बताया कि नियमित पर्यावरणीय निगरानी अभियान के तहत सीवेज के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे. जांच रिपोर्ट में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियो वायरस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
वाराणसी और मेघालय से भी आ चुके हैं मामले
सीएमओ के अनुसार, इससे पहले वाराणसी और मेघालय में भी इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं. वायरस की पुष्टि के बाद एहतियातन जिले के 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की 107 से अधिक टीमों को सक्रिय कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने लगभग सवा लाख आबादी को चिन्हित किया है, जहां व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है.
अधिकारियों ने बताया कि टीमों को यह जांच करने के निर्देश दिए गए हैं कि कहीं किसी बच्चे में पोलियो वायरस से जुड़े लक्षण तो नहीं हैं. फिलहाल जिले में किसी भी बच्चे में इस वायरस से संबंधित लक्षण नहीं पाए गए हैं, जो राहत की बात है.
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्र और आसपास के इलाकों में पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं. साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक लेने से वंचित न रह जाए. अधिकारियों का कहना है कि नियमित टीकाकरण ही पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पोलियो वायरस की निगरानी के लिए हर महीने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से नमूने एकत्र कर जांच की जाती है. इसी नियमित प्रक्रिया के दौरान डूंडाहेड़ा एसटीपी के नमूने में वायरस की मौजूदगी का पता चला.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों का नियमित टीकाकरण समय पर कराएं और पोलियो उन्मूलन अभियान में सहयोग दें, ताकि देश की पोलियो-मुक्त स्थिति को सुरक्षित रखा जा सके.