उत्तर प्रदेश की सियासत में योगी सरकार के मंत्री और सुभासपा के प्रमुख ओम प्रकाश राज इन दिनों सपा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) में हुए बगावत के बाद ओम प्रकाश राजभर दो दिनों से सपा में टूट होने का दावा कर रहे हैं. गुरुवार को ट्वीट कर राजभर ने कहा कि सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व 'बागी भूमि का लाल करेगा.
ओम प्रकाश राजभर का इशारा बागी भूमि से बलिया से था. उन्होंने कहा, 'कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे 'बागी बलिया' का लाल बहुत आहत है. योजना पहले से थी लेकिन कल कि घटना ने आग में घी डालने का काम कर दिया है. सपा में टूट होकर रहेगी.'
बता दें कि बलिया लोकसभा सीट से सपा सांसद सनातन पांडेय और मऊ से सपा सांसद राजीव राय का ताल्लुक बलिया जिले से है. राजभर का इशारा भी कहीं न कहीं इन्हीं दोनों नेताओं की तरफ था. बालिया के दोनों लाल सामने आकर ओम प्रकाश राजभर के दावे की हवा ही निकाल दी. इस तरह राजभर का दावा फुस्स हो गया है.
सनातन पांडेय ने राजभर की हवा निकाल दी
सपा सांसद सनातन पांडेय ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि हे प्रभु बचाए रखिए. बालिया से सांसद हूं और हम नौकरी छोड़कर सियासत में आया हूं. हम जन्मजात समाजवादी हैं. अगर ओम प्रकाश राजभर का कहना सही हो जाएगा तो सनातन पांडेय राजनीति से संन्यास ले लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ब्रह्माण सपा से नाराज नहीं है.
सनातन पांडेय ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर जहां से भी चुनाव लड़ेंगे, मैं उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र की किसी भी विधानसभा सीट से विधायक नहीं बनने दूंगा. उनके बेटे को वहीं से हराया हूं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने कभी ओम प्रकाश राजभर को अपमानित नहीं किया है, लेकिन अब राजभर की अति हो गई है. बीजेपी चुनाव से पहले ओपी राजभर का इस्तेमाल कर रही है. राजभर को अपनी पार्टी देखनी चाहिए, जिसमें टूट होने जा रही है.
'राजनीति से संन्यास ले लूंगा, सपा नहीं छोडूंगा'
बलिया के लोकसभा सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि मैं अगर सपा से बागी हो गया तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा. दुनिया की कोई ताकत मुझे सपा से अलग नहीं कर सकती है. मेरे पिता जी मुझे इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन पिता की मौत के बाद 1986 के बाद राजनीति में आया हूं. बलिया का लाल बागियों का नेतृत्व करेंगे अगर ये बात सही है तो मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगा.
सनातन पांडेय ने कहा कि पांच अगस्त को जनेश्वर मिश्रा का सम्मान करने के लिए सभा हुई थी. सारे ब्राह्मण गदगद होकर गए हैं.ब्राह्मण नाराज कहां है? साथ ही उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश राजभर हमारे संसदीय क्षेत्र से विधायक हैं, राजनीति में बिना कुछ किए ही उनको सफलता मिल गई है. इसलिए ऐसे बयान दे रहे हैं. राजभर का बेटा चुनाव हार गया था, उनको मैंने कभी अपमानित नहीं किया है लेकिन इतना ज्यादा बोलना ख़राब होता है.
सपा सांसद ने कहा कि खुद की पार्टी टूट गई ओम प्रकाश राजभर जी को पता नहीं है. राजभर पहले भी बीजेपी में रहे थे और अपने सरकार को बुरा भला कहा करते थे. क्या राजभर जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा दिला पाएं. ओम प्रकाश राजभर ने अपने स्वजातीय लोगों के लिए कुछ नहीं किया. सिर्फ उनके वोट लेकर विधायक और मंत्री बन गए हैं.
राजीव राय ने भी राजभर को जमकर सुनाया
बलिया जिले से आने वाले राजीव राय मऊ से सपा सांसद हैं. ओम प्रकाश राजभर और डिप्टीसीएम केशव प्रसाद मौर्य को राजीव राय ने बिना नाम लिए बगैर खूब खरी-खोटी सुनाई. राजीव राय ने कहा कि सरकार में एक माननीय अपना स्टूल बचाने के चक्कर में और एक मौसमी माननीय अपने पुत्रों के लिए टिकट के चक्कर में बदहवासी में बोले जा रहे हैं. बीजेपी नेतृत्व इनकी जमीनी हैसियत को जान गई है और भाव देना बंद कर दिया है.
राजीव राय ने कहा कि कुछ मीडिया साथियों के सहयोग से राजभर सिर्फ चर्चा में बने रहना चाहते हैं. कृपया इनसे सहानुभूति रखे और इन पर तरस खाए. इस तरह राजभर के दावा की हवा निकालते हुए राजीव राय ने जमकर हमले किए.
ओम प्रकाश राजभर क्या दावा कर रहे थे
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को दावा किया था कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है. उन्होंने यह दावा किया था कि सपा नेता रामगोपाल यादव ने अमित शाह को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने उन सांसदों का नाम भी दिया है, जो भाजपा में शामिल होंगे. ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि चिट्ठी में लिखा था कि रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी थमाया और उन्होंने चिट्ठी लिया, हाथ जोड़े और मुस्कराए और चल दिए रामगोपाल.
राजभर ने कहा कि चिट्ठी में का लिखल हअ पता है, सीबीआई ने खनन वाले में जो एफआईआर में अखिलेश यादव का नाम लिखा है, उसको बचाना है. और गोमती रिवर फ्रंट में जो परिवार का, हमारे लड़के का,शिवपाल जी का, इन लोगों का नाम बचाना है. और यह फलां-फलां सांसद हैं, इनको हम लोग आपके साथ भेज देते हैं और हम लोग का जान बचा रहे.
ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को दोबारा से ट्वीट कर रहा कि कल से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है? तो सुनो! सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा. और करे भी क्यों न? कल जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे 'बागी बलिया' का लाल बहुत आहत है. योजना पहले से थी लेकिन कल कि घटना ने आग में घी डालने का काम कर दिया है. टूट होकर रहेगी. इस तरह राजभर का निशाने पर सनातन पांडेय थे, लेकिन सनातन पांडेय ने जिस तरह सामने आकर राजभर को खरी-खरी सुनाई है, उससे राजभर के दावा पूरी फुस्स हो गया.