उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कपिल भारद्वाज और उसकी दूसरी पत्नी पिंकी ने अपनी 17 वर्षीय बेटी खुशी (उर्फ खुशबू) की हत्या कर दी. इस वारदात को छिपाने के लिए पिता चुपचाप शव को ब्रजघाट ले गया और मृतका के ननिहाल पक्ष को बिना सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया. लड़की के मामा भूपेंद्र शर्मा की शिकायत पर भवनपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है, जहां पिता ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोला मौत का राज
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिजीत कुमार ने बताया कि गोकुलधाम सोसाइटी निवासी कपिल भारद्वाज की पहली पत्नी प्रीति का 2017 में निधन हो गया था, जिनसे उनके दो बच्चे खुशी और राधे थे. प्रीति की मौत के बाद कपिल ने पिंकी से शादी कर ली.
पुलिस को जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है. इस रिकॉर्डिंग में मृतका खुशी अपनी मामी से रोते हुए कह रही है कि उसे घर से बाहर निकाल लें, वरना 'वे उसे मार डालेंगे.'
मामा को फोन पर मिली भनक, पहुंचे मेरठ
हापुड़ निवासी मामा भूपेंद्र शर्मा को मंगलवार को फोन पर खुशी की मौत की भनक लगी, जिसके बाद वे तुरंत मेरठ पहुंचे. उन्होंने पुलिस से संपर्क कर जीजा और उसकी दूसरी पत्नी पर हत्या का सीधा आरोप लगाया. भूपेंद्र का आरोप है कि खुशी को कई सालों से बेरहमी से प्रताड़ित किया जा रहा था. इस खुलासे के बाद मामा ने अपनी बहन प्रीति की साल 2017 में हुई मौत पर भी गहरा संदेह जताया है.
पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी, जांच जारी
शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी पिता कपिल भारद्वाज को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी सौतेली मां पिंकी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है. भवनपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस इस पूरे हत्याकांड की आगे की जांच में जुटी है.