इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की सख्ती के बाद आखिरकार फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड से निर्वाचित घोषित किए गए ललित किशोर तिवारी को पार्षद पद की शपथ दिला दी गई. लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल ने उन्हें विधिवत शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी के कई पार्षद और समर्थक भी मौजूद रहे.
दरअसल ललित किशोर तिवारी ने नगर निगम के चुनाव में जीते पार्षद दिलीप शुक्ला के नामांकन को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी. जिसमें कहा गया था कि दिलीप शुक्ला ने जो नामांकन भरने के दौरान शपथ पत्र लगाया वह गलत था. साथ ही उन्होंने अपनी शादी की जानकारी को भी छिपाया था. जिसके बाद मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा. बीते दिसंबर महीने में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दिलीप शुक्ला के नामांकन को रद्द कर दिया और रनरअप रहे ललित किशोर तिवारी को निर्वाचित घोषित कर दिया.
आदेश के 5 महीने बाद भी नहीं दिलाई गई शपथ
बीते दिसंबर 2025 से मई 2026 तक 5 महीने बीत जाने के बावजूद हाईकोर्ट के आदेश के पर ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिलाई गई. जिसके बाद हाईकोर्ट में अपील की गई तो हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने जल्द शपथ दिलाने का आदेश देते हुए मेयर सुषमा खरकवाल के वित्तीय अधिकारों को सीज कर दिया. हालांकि संबंध में नवनिर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी का कहना है कि कोर्ट संविधान की रक्षक होती है. 5 महीने पहले निर्वाचित घोषित किया गया था लेकिन शपथ नहीं दिलाई गई, यह मेयर की मनमानी थी.
वहीं इस देरी पर जब मेयर से सवाल किया गया तो दलील दी गई कि देश में तमाम उदाहरण ऐसे थे जब ऐसे मामले में चुनाव को शून्य कर दिया गया. वहीं उन्होंने अपनी बीमारी और गर्मी का भी हवाला दिया. हालांकि जब मेयर से फिर सवाल किया गया कि क्या चुनाव शून्य घोषित करने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू की गई. इस पर उन्होंने नो कमेंट्स कहकर कर सवाल से उठकर चली गईं.