लखपति दीदी पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मजबूत करके उनके परिवारों की आय को स्थायी रूप से बढ़ाने में मदद करना है. यह केंद्र सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का हिस्सा है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय राज्य सरकारों के सहयोग से लागू करता है.
लखपति दीदी स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी ऐसी महिला होती हैं, जिनके परिवार की सालाना आय कम से कम एक लाख रुपये हो और यह आय लगातार बनी रहे, इसके लिए आय का आकलन कम से कम चार कृषि मौसमों और/या व्यावसायिक चक्रों के आधार पर किया जाता है.
इस पहल के तहत महिलाओं को आजीविका की योजना बनाने, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, ऋण तक पहुंच और बाजार से जुड़ने में सहायता दी जाती है. कृषि, कृषि से जुड़ी गतिविधियों, गैर-कृषि उद्यमों और सेवा क्षेत्र में आय अर्जित करने के अवसरों को भी बढ़ावा दिया जाता है.
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उत्तर प्रदेश में इस पहल को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के माध्यम से लागू किया जाता है. ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2025 तक उत्तर प्रदेश में 11,15,982 महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में दर्ज किया गया था. यह स्वयं रिपोर्ट किया गया आंकड़ा है, न कि वर्तमान की सत्यापित कुल संख्या.
महिलाओं को आजीविका और उद्यम से जुड़े अवसर उपलब्ध कराकर इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है.