उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. कोखराज पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने 22 और 23 अगस्त की रात चेकिंग के दौरान फॉर्च्यूनर सवार बदमाशों को घेरा. इस दौरान हुई मुठभेड़ में एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके तीन साथियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.
मामला थाना कोखराज क्षेत्र का है. यहां पिछले कई महीनों से रात के वक्त घरों में चोरी और नकबजनी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं. बदमाश ताले तोड़कर और घरों की दीवार में सेंध लगाकर गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे. इन घटनाओं को लेकर कोखराज थाने में चोरी और नकबजनी के सात मुकदमे दर्ज किए गए थे.
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घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने कई टीमों का गठन किया था. पुलिसकर्मी CCTV फुटेज और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की पहचान में जुटे थे. इसके साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ कर बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी. इसी दौरान पुलिस को गैंग के बारे में अहम सुराग मिला.
रोही चौराहे पर घेराबंदी, बदमाश ने पुलिस पर चलाई गोली
22 और 23 अगस्त की दरम्यानी रात कोखराज पुलिस और SOG की टीम रोही चौराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी. तभी मुखबिर ने सूचना दी कि संदिग्ध फॉर्च्यूनर गाड़ी वहां से गुजरने वाली है. पुलिस ने बताए गए वाहन को रोकने का प्रयास किया तो उसमें बैठे लोगों ने गाड़ी भगाने की कोशिश की.
पुलिस के मुताबिक, खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर एक बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी ने दोबारा गोली चला दी. इस फायरिंग में कोखराज थाना प्रभारी बाल-बाल बच गए.
इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की. गोलीबारी के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी और वह मौके पर गिर गया. पुलिस ने घायल आरोपी को काबू में करने के साथ ही उसके तीन अन्य साथियों को भी पकड़ लिया. घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया.
तमंचा, कारतूस, नकदी और लाखों के जेवर बरामद
पुलिस ने घायल आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा बरामद किया है. उसके पास से जिंदा कारतूस और खोखा भी मिला. इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से पीली और सफेद धातु के जेवरात, एक लाख रुपये से अधिक की नकदी और चोरी की वारदातों में इस्तेमाल की जा रही फॉर्च्यूनर गाड़ी बरामद की गई.
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे करीब चार महीने से कौशाम्बी के अलग-अलग इलाकों में रात के समय घरों को निशाना बना रहे थे. गिरोह पहले वारदात के लिए इलाका चुनता और फिर ताले तोड़कर या दीवार में सेंध लगाकर सामान चोरी करता था.
पुलिस के मुताबिक, चोरी किए गए गहने और अन्य सामान को बेचने के लिए आरोपी प्रयागराज जा रहे थे. बदमाशों ने पूछताछ में यह भी बताया कि वे अपने पास तमंचा और कारतूस रखते थे, ताकि पुलिस के पकड़ने पर फायरिंग कर भाग सकें. पुलिस अब गैंग से जुड़ी अन्य वारदातों और संभावित साथियों की जानकारी जुटा रही है.
अलीशान पर 7 मुकदमे, बाकी आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अलीशान पुत्र कल्लू निवासी गनसरी, थाना संदीपनघाट, प्रदीप पुत्र राम सूरत निवासी ओसा, थाना मंझनपुर, दीपक सोनी पुत्र अजय सोनी निवासी खल्लाबाद भरवारी, थाना कोखराज और मसरूर पुत्र मोहम्मद अच्छे निवासी सिहोरी, थाना कोखराज के रूप में हुई है.
पुलिस के अनुसार, अलीशान के खिलाफ दूसरे थानों में सात मुकदमे दर्ज हैं. प्रदीप के खिलाफ तीन मामले दर्ज बताए गए हैं, जबकि मसरूर के खिलाफ भी एक मुकदमा दर्ज है. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनसे जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी जुटा रही है.
एसपी सत्यनारायण ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान चोरी की कई घटनाओं से जुड़े सामान बरामद हुए हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है. फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.