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UP: पेन ड्राइव की जांच, 25 मीटर दूर शिविर और 12 फीट तक DJ, जानिए कांवड़ यात्रा-2026 के नए नियम

श्रावण मास कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए सहारनपुर प्रशासन ने डीजे संचालकों और शिविर आयोजकों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. डीजे में बजने वाले गानों की पेन ड्राइव पहले थाने में जमा करनी होगी. पुलिस की जांच और अनुमति के बाद ही गाने बजाए जा सकेंगे. 12 फीट से ऊंचे डीजे, अवैध बिजली कनेक्शन और बिना साइलेंसर वाली बाइक पर भी कार्रवाई होगी.

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कांवड़ यात्रा से पहले प्रशासन की बड़ी तैयारी. (Photo: ITG)
कांवड़ यात्रा से पहले प्रशासन की बड़ी तैयारी. (Photo: ITG)

श्रावण मास कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सहारनपुर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में डीजे संचालकों, डीजे निर्माताओं और कांवड़ शिविर आयोजकों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक में सहारनपुर के अलावा हरियाणा के यमुनानगर, करनाल और आसपास के जिलों से आए डीजे संचालकों और शिविर आयोजकों ने हिस्सा लिया. अधिकारियों ने शासन की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी और उनका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए.

बैठक में सबसे अहम फैसला डीजे में बजने वाले गानों को लेकर लिया गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान डीजे में बजाए जाने वाले सभी गानों और भजनों की पेन ड्राइव पहले संबंधित थाना प्रभारी के पास जमा करनी होगी. पुलिस गानों की जांच करेगी और अनुमति मिलने के बाद ही उन्हें यात्रा के दौरान बजाया जा सकेगा. अधिकारियों ने साफ कहा कि किसी भी हालत में ऐसे गाने नहीं बजाए जाएंगे, जिनसे सामाजिक सौहार्द बिगड़े या किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत हों. डीजे और शिविरों में केवल धार्मिक और भक्ति गीत ही बजाने की अनुमति होगी.

जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे ट्रकों और वाहनों की ऊंचाई शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही रखनी होगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाले डीजे वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही डीजे की चौड़ाई भी वाहन के आकार के अनुरूप ही होगी और किसी तरह का अतिरिक्त फैब्रिकेशन नहीं किया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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डीजे में बजने वाले गानों की पहले होगी पुलिस जांच

बैठक में बाइक मॉडिफाई करने और बिना साइलेंसर के चलाने पर भी सख्त रुख अपनाया गया. अधिकारियों ने कहा कि ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का उद्देश्य यात्रा के दौरान सुरक्षा बनाए रखना और अनावश्यक शोर व अव्यवस्था को रोकना है. प्रशासन ने कांवड़ शिविरों के लिए भी कई जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए. सभी शिविर सड़क से कम से कम 25 मीटर की दूरी पर लगाए जाएंगे. कांवड़ रखने के लिए मजबूत लोहे, बांस या बल्लियों का इस्तेमाल करना होगा. प्रत्येक शिविर में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा. रसोई क्षेत्र में भी कैमरे लगाने होंगे. इसके अलावा फायर सेफ्टी के इंतजाम, प्राथमिक उपचार किट, शौचालय, विश्राम स्थल और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी.

जिलाधिकारी ने कहा कि शिविरों में बिजली का कनेक्शन केवल विद्युत विभाग से ही लिया जाएगा. किसी भी स्थिति में बिजली के खंभों से अवैध कनेक्शन नहीं किया जाएगा. साथ ही बिजली के तारों और ट्रांसफार्मरों के नीचे शिविर लगाने की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन ने आयोजकों से सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने को कहा. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिविरों में भोजन और नाश्ते की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह शुद्ध शाकाहारी होंगी. भोजन में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. अधिकारियों ने आयोजकों से साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को भी कहा.

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कांवड़ियों की हर जरूरत पर प्रशासन करेगा मदद

जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. विभिन्न क्षेत्रों में सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है. उन्होंने कहा कि कांवड़ियों और शिविर संचालकों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा. बैठक में डीजे की ऊंचाई, यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और गानों को लेकर सभी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने सभी डीजे संचालकों और शिविर आयोजकों से नियमों का पालन करने की अपील की है.
 

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