कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां व्यक्ति पर उसकी पत्नी ने चाकू से हमला कर दिया. जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परिवार का आरोप है कि घटना के समय महिला अपने कथित प्रेमी से फोन पर बात कर रही थी. पति द्वारा इसका विरोध किए जाने पर विवाद बढ़ गया और बाद में उस पर चाकू से हमला कर दिया गया. गंभीर रूप से घायल व्यक्ति ने 11 दिन तक अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया.
दरअसल फीलखाना थाना क्षेत्र के बालाजी धाम निवासी कारोबारी रामकिशोर गुप्ता के बेटे मनीष गुप्ता (45) किराना बाजार में ब्रोकर का काम करते थे. इसी दौरान उनकी पहचान बिरहाना रोड स्थित एक स्कूल में शिक्षिका निहारिका कश्यप से हुई थी. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और परिवार की सहमति से 30 जून 2017 को दोनों की शादी कर दी गई. दंपती का एक छह वर्षीय बेटा भी है.
हमले के दौरान फोन पर था प्रेमी
परिवार के अनुसार शादी के बाद मनीष ने ब्रोकर का काम छोड़ दिया था. बाद में परिवार ने उन्हें रामगंज में ऑफिस दिलाकर कपूर सप्लाई के कारोबार से जोड़ दिया था. मृतक के पिता रामकिशोर गुप्ता का आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले निहारिका की सोशल मीडिया के जरिए जम्मू निवासी एक युवक से पहचान हुई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और फोन पर लंबे समय तक संपर्क रहने लगा.
परिवार का दावा है कि जब मनीष को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया, जिसके चलते पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने लगा. पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि 5 जून की दोपहर निहारिका मोबाइल फोन पर बातचीत कर रही थी. इसी दौरान मनीष ने उसे देख लिया और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई.
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर निहारिका ने रसोई में इस्तेमाल होने वाले चाकू से मनीष के पेट पर कई वार कर दिए. चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल मनीष को तत्काल बिरहाना रोड स्थित अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहां करीब 11 दिनों तक इलाज चला, लेकिन मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई.
रामकिशोर गुप्ता का दावा है कि अस्पताल में होश आने पर मनीष ने उन्हें बताया था कि घटना के दौरान निहारिका का कथित प्रेमी फोन पर मौजूद था. परिवार का आरोप है कि हमले के बाद महिला ने फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी, जिस पर दूसरी ओर से कथित तौर पर उसे पति को खत्म करने के लिए उकसाया गया. हालांकि, पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है.
पुलिस ने दर्ज किया मामला
परिवार ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों से पति-पत्नी के संबंधों में तनाव बना हुआ था. करीब डेढ़ साल पहले निहारिका महिला थाने पहुंची थी और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. उस समय पुलिस की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था. पुलिस ने बताया कि मनीष के पिता की शिकायत पर 14 जून को जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया था.
पीड़ित की मौत के बाद मामले में हत्या की धाराएं बढ़ा दी गई हैं. आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. वहीं, ससुराल पक्ष ने महिला पर अपने कथित प्रेमी के कहने पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है. पुलिस पूरे घटनाक्रम, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है.