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11 लाख की नौकरी, लेकिन चाहिए 1 करोड़ कमाने वाला दूल्हा, मैचमेकर ने सुनाई कहानी

अच्छे जीवनसाथी की तलाश में लोग कई बातें देखते हैं—स्वभाव, सोच, परिवार, शिक्षा, करियर और आर्थिक स्थिति. लेकिन क्या इन सबके ऊपर सिर्फ सैलरी होनी चाहिए? और अगर शर्त सालाना 1 करोड़ रुपये कमाने वाले दूल्हे की हो, तो क्या ऐसा रिश्ता मिलना आसान है?

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ओएंद्रिला कपूर ने इंस्टाग्राम ये वीडियो शेयर किया (सांकेतिक तस्वीर-Pexel)
ओएंद्रिला कपूर ने इंस्टाग्राम ये वीडियो शेयर किया (सांकेतिक तस्वीर-Pexel)

हर इंसान की जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला अपने जीवनसाथी का चुनाव होता है. इस फैसले में सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि सोच, पढ़ाई, परिवार, स्वभाव, करियर, सैलरी और भविष्य जैसी कई बातों को भी परखा जाता है. लेकिन जब तमाम कोशिशों के बाद भी मनचाहा रिश्ता नहीं मिलता, तो लोग मैचमेकर का सहारा लेते हैं. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही मैचमेकर का अनुभव वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

भारतीय मैचमेकर ओएंद्रिला कपूर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि आखिर क्यों उन्हें एक महिला का प्रोफाइल अपनी मैचमेकिंग सर्विस से हटाना पड़ा.

ओएंद्रिला कपूर के मुताबिक, 28 साल की यह महिला सालाना करीब 11 लाख रुपये (11 LPA) कमाती थी. शुरुआत में उसके परिवार ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें अच्छे परिवार का, पढ़ा-लिखा और अच्छी नौकरी करने वाला लड़का चाहिए. लेकिन जैसे-जैसे रिश्ते आने लगे, उनकी अपेक्षाएं बढ़ती चली गईं.

मैचमेकर ने बताया कि उनकी टीम ने महिला की उम्र, शिक्षा और प्रोफाइल के हिसाब से कई योग्य युवकों के रिश्ते भेजे, लेकिन परिवार ने एक-एक कर सभी प्रस्ताव ठुकरा दिए. लगातार हो रहे रिजेक्शन के बाद टीम को लगा कि आखिर परिवार चाहता क्या है.

देखें वीडियो

तब किया एक 'एक्सपेरिमेंट'

इसके बाद ओएंद्रिला कपूर और उनकी टीम ने महिला और उसके परिवार से कहा कि वे खुद उन लड़कों की प्रोफाइल भेजें, जिन्हें वे पसंद करते हैं.

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जब प्रोफाइल सामने आईं, तो टीम भी हैरान रह गई. ओएंद्रिला कपूर के मुताबिक, परिवार ने जितनी भी प्रोफाइल भेजीं, उनमें हर युवक की एनुअल इनकम 1 करोड़ रुपये से ज्यादा थी. इतना ही नहीं, सभी बंगाली ब्राह्मण समुदाय से थे.

जब टीम ने पूछा कि क्या 1 करोड़ रुपये की सालाना कमाई उनकी अनिवार्य शर्त है, तो महिला ने कहा कि ऐसा नहीं है. उसका कहना था कि उसे ऐसे पुरुष शारीरिक रूप से ज्यादा आकर्षक लगते हैं. हालांकि, जाति को लेकर पूछे गए सवाल पर महिला की मां ने कहा कि उसके पिता चाहते हैं कि दूल्हा सिर्फ बंगाली ब्राह्मण ही हो.

आखिर क्यों हटाया प्रोफाइल?

ओएंद्रिला कपूर का कहना है कि किसी की पसंद या प्राथमिकता होना गलत नहीं है. समस्या तब पैदा होती है, जब उन अपेक्षाओं पर खरे उतरने वाले लोग भी रिश्ता आगे बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं दिखाते.

उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम ने महिला की पसंद के सभी संभावित प्रोफाइल से संपर्क किया, लेकिन किसी ने भी रिश्ता आगे बढ़ाने की इच्छा नहीं जताई. इसके बाद उन्होंने महिला का प्रोफाइल अपनी मैचमेकिंग सर्विस से हटा दिया.

वीडियो के आखिर में ओएंद्रिला कपूर ने कहा कि ऊंची आय वाले लोग सिर्फ पैसे नहीं देखते, बल्कि सामने वाले का व्यवहार, सोच और परिवार का रवैया भी समझते हैं. उनके मुताबिक, जरूरत से ज्यादा अपेक्षाएं, अधिकार जताने वाला व्यवहार और अव्यावहारिक मांगें अक्सर अच्छे रिश्तों को भी दूर कर देती हैं.

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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ यूजर्स ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है. वहीं कई लोगों का मानना था कि रिश्तों में उम्मीदें रखना गलत नहीं, लेकिन वे यथार्थवादी भी होनी चाहिए.

इसी चर्चा के बीच एक दिलचस्प तथ्य भी सामने आता है. भारत में सालाना 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक की टैक्सेबल इनकम घोषित करने वाले लोगों की संख्या करीब 3.5 लाख है. ऐसे में अगर जीवनसाथी के लिए 1 करोड़ रुपये सालाना कमाने की शर्त रखी जाए, तो विकल्प अपने-आप काफी सीमित हो जाते हैं.
 

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