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कानपुर के 'जामताड़ा' का खुलासा, खेतों में बैठकर चलाते थे साइबर ठगी का नेटवर्क

कानपुर पुलिस और साइबर सेल ने खेतों में बैठकर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर 'चाइल्ड पोर्नोग्राफी' केस का डर दिखाते थे और मामला रफा-दफा करने के नाम पर लोगों से मोटी वसूली करते थे.

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कानपुर में साइबर ठगी गैंग का खुलासा (Photo- ITG)
कानपुर में साइबर ठगी गैंग का खुलासा (Photo- ITG)

उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. कमिश्नरेट पुलिस ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खेतों में बैठकर देशभर के लोगों को फोन के जरिए निशाना बना रहा था. खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से अवैध वसूली करने वाले आठ शातिर अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं.

सचेंडी थाना क्षेत्र पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों पर आरोप है कि वे लोगों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखने के नाम पर डराते-धमकाते थे. गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कॉल करते और केस दर्ज होने का डर दिखाकर मोटी रकम की मांग करते थे.

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ और ‘एनसीआरपी पोर्टल’ पर दर्ज शिकायतों और डेटा के आधार पर लोगों की जानकारी जुटाते थे. इसके बाद उन्हें फोन कर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया जाता था और मामला रफा-दफा करने के नाम पर वसूली की जाती थी.

जांच के दौरान यह भी पता चला कि इस साइबर गिरोह के तार मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों से जुड़े हुए हैं. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार किया.

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मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है.

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