इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच त्रिकोणीय सीरीज का खिताबी मुकाबला जितना क्रिकेट के लिहाज से अहम है, उतना ही चर्चा का विषय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी बने हुए हैं. पिछले मुकाबले में श्रीलंका-ए के खिलाड़ी विशेन हलंबगे के साथ हुई तीखी बहस और धक्का-मुक्की की घटना ने दोनों टीमों के बीच कड़़वाहट पैदा की. अब खिताबी मुकाबले से ठीक पहले श्रीलंका-ए के कप्तान सहान अराचिगे ने इस विवाद पर बड़ा बयान दिया है.
श्रीलंकाई कप्तान ने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया है, जिनमें दावा किया गया था कि उनकी टीम के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को लगातार निशाना बना रहे थे. अराचिगे ने कहा कि उनकी टीम किसी भी खिलाड़ी को टारगेट नहीं कर रही और मैदान पर जो कुछ हुआ, वह सिर्फ मैच के दबाव और भावनाओं का परिणाम था.
स्पोर्टस्टार से बातचीत में सहान अराचिगे ने कहा, 'हमारे खिलाड़ी किसी व्यक्ति या किसी खास खिलाड़ी को निशाना नहीं बना रहे हैं. वे सिर्फ खेल का आनंद ले रहे हैं. सुपर ओवर जैसे करीबी मुकाबलों में भावनाएं उफान पर आ जाती हैं. यह खेल का हिस्सा है.' उन्होंने यह भी कहा कि टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं और वे जानते हैं कि प्रतिस्पर्धी माहौल में किस तरह व्यवहार करना है.
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सहान अराचिगे कहते हैं, 'हमारी टीम में काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं. उन्हें पता है कि मैदान पर क्या करना है और कैसे खेलना है.' इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच लीग चरण का वो मुकाबला बेहद रोमांचक रहा था. मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ, जहां श्रीलंका-ए ने जीत हासिल की. लेकिन मुकाबले के बाद खिलाड़ियों के बीच तनाव देखने को मिला.
वैभव ने श्रीलंकाई प्लेयर को दिया धक्का!
श्रीलंका-ए के खिलाड़ी विशेन हलंबगे मैच खत्म होने के बाद भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे की ओर बढ़े. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. मामला तब और गर्म हो गया जब वैभव ने प्रतिक्रिया देते हुए हलंबगे को धक्का दे दिया. स्थिति बिगड़ता देख श्रीलंका के अनुभवी विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने हस्तक्षेप कर खिलाड़ियों को अलग किया.
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कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि विशेन हलंबगे लगातार वैभव सूर्यवंशी को स्लेज कर रहे थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कथित तौर पर भारतीय बल्लेबाज से कहा था, 'घर जाओ, ये IPL नहीं है.' हालांकि इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इस कथित टिप्पणी ने पूरे मामले को भड़का दिया. फैन्स ने इसे युवा खिलाड़ी को उकसाने की कोशिश बताया, जबकि कुछ लोगों का मानना था कि मैदान पर ऐसी बातें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का हिस्सा होती हैं.
पूर्व भारतीय बल्लेबाज और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने भी इस घटना पर अपनी राय दी थी. उन्होंने कहा था कि यदि वह इंडिया-ए टीम के कोच या मैनेजर होते, तो अनुशासन का संदेश देने के लिए वैभव सूर्यवंशी को अगले मैच से बाहर रखते. हालांकि भारतीय टीम प्रबंधन ने युवा बल्लेबाज का समर्थन किया और उन्हें अफगानिस्तान-ए के खिलाफ अगले मुकाबले में भी मौका दिया.
भारत-ए ने अफगानिस्तान-ए को 101 रनों से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि श्रीलंका-ए ने अपने अंतिम लीग मैच में अफगानिस्तान-ए को हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया. अब सभी की नजरें 21 जून को होने वाले फाइनल पर टिकी हैं. फैन्स यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि वैभव सूर्यवंशी इस बड़े मुकाबले में बल्ले से कैसा प्रदर्शन करते हैं.
पिछले मैच के विवाद के बाद यह मुकाबला सिर्फ एक फाइनल नहीं, बल्कि युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए जवाब देने का भी अवसर माना जा रहा है. फाइनल के बाद वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा आयरलैंड रवाना होंगे, जहां भारत की सीनियर टीम को दो मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है.