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फर्जी जॉइनिंग लेटर, पोस्टिंग का नकली मेल... कानपुर में खुद को DM बताकर मंगेतर से 71 लाख ठगे, दी अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी

कानपुर में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर अपनी होने वाली पत्नी से लाखों रुपये ऐंठ लिए. आरोपी नितेश कुमार पांडे ने प्रमुख सचिव के नाम का फर्जी नियुक्ति पत्र और कानपुर डीएम की पोस्टिंग का नकली मेल दिखाकर ससुराल वालों को झांसे में लिया था.

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कानपुर में फर्जी आईएएस गिरफ्तार (Photo- Screengrab)
कानपुर में फर्जी आईएएस गिरफ्तार (Photo- Screengrab)

कानपुर की कल्याणपुर थाना पुलिस ने खुद को शहर का जिलाधिकारी (DM) बताने वाले जालसाज नितेश कुमार पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी ने अपनी होने वाली पत्नी और उसके परिवार को विश्वास दिलाने के लिए प्रमुख सचिव के नाम का फर्जी चयन पत्र और 5 जुलाई 2025 को कानपुर डीएम के पद पर तैनाती का नकली मेल दिखाया था. उसने इंटरव्यू और अन्य खर्चों के नाम पर युवती से धीरे-धीरे करीब 71 लाख रुपये ठग लिए. जब कई महीनों तक उसकी पोस्टिंग नहीं हुई, तो युवती को शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को कानपुर से ही धर दबोचा.

प्रमुख सचिव की फर्जी मेल और डीएम की कुर्सी का झांसा

आरोपी नितेश का परिचय एक रिश्तेदार दिवाकर ने युवती से करवाया था. शुरुआत में उसने खुद को सिविल सेवा की तैयारी करने वाला छात्र बताया, लेकिन बाद में फर्जी दस्तावेज दिखाकर दावा किया कि वह आईएएस बन गया है. 

हद तो तब हो गई जब उसने अपनी होने वाली पत्नी को कानपुर डीएम की पोस्टिंग का जाली लेटर दिखाया. झांसे में आए परिवार ने शादी पक्की कर दी, जिसके बाद नितेश ने 'ऊपर पैसा देने' के नाम पर मोटी रकम वसूलनी शुरू कर दी.

रुपये मांगे तो दी अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी

डीसीपी एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, अब तक 26 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पीड़िता ने कुल 71 लाख रुपये देने का दावा किया है. जब युवती ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी अपनी असलियत पर उतर आया. उसने युवती को डराया कि उसके पास कुछ निजी फोटो और वीडियो हैं, जिन्हें वह सोशल मीडिया पर वायरल कर उसे बदनाम कर देगा. इसी धमकी से मजबूर होकर पीड़िता ने कल्याणपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई.

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पूरा परिवार और रिश्तेदार जांच के घेरे में

पुलिस इस मामले में केवल नितेश ही नहीं, बल्कि उसके भाई-भाभी और बिचौलिए रिश्तेदार दिवाकर की भूमिका की भी जांच कर रही है. पीड़िता ने इन सभी को अपनी रिपोर्ट में नामजद किया है. डीसीपी ने बताया कि आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से फर्जी ईमेल आईडी और लेटरहेड तैयार किए थे ताकि किसी को शक न हो. फिलहाल पुलिस अन्य कड़ियों को जोड़ रही है ताकि यह पता चल सके कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को शिकार बनाया है.

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