कानपुर के शिवाला बाजार इलाके में एक चूड़ी कारोबारी की हत्या से सनसनी फैल गई. कारोबारी विजय चौरसिया की हत्या का आरोप पड़ोस में रेस्टोरेंट चलाने वाले विशाल गुप्ता पर लगा है, जो टेलीकॉम विभाग में तैनात एक आईएएस अधिकारी का साला बताया जा रहा है. घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, जबकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है.
घटना शहर के व्यस्त कारोबारी इलाके शिवाला बाजार के पास की है. मृतक विजय चौरसिया अपने भाइयों के साथ चूड़ी का कारोबार करते थे. परिवार के अनुसार विजय बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे अपने पड़ोसी विशाल गुप्ता के साथ स्कूटी पर निकले थे. विशाल उन्हें माहेश्वरी मोहल्ला स्थित एक चार मंजिला मकान में लेकर गया. बताया जा रहा है कि यह मकान विशाल गुप्ता से जुड़ा हुआ है और वहां अक्सर संदिग्ध किस्म के लोगों का आना-जाना लगा रहता था.
सीसीटीवी में आरोपी की स्कूटी पर बैठे नजर आए व्यापारी
घटना से पहले का पूरा घटनाक्रम इलाके में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया. फुटेज में विशाल गुप्ता स्कूटी चलाते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि पीछे विजय चौरसिया बैठे हुए नजर आ रहे हैं. दोनों को मकान के अंदर जाते हुए देखा गया, लेकिन उसके बाद विजय जिंदा बाहर नहीं निकले. कुछ देर बाद मकान के अंदर से खून से लथपथ हालत में विजय मिले. मकान में रहने वाले किराएदारों ने बताया कि घटना के समय उन्हें तेज आवाज सुनाई दी थी. कुछ लोगों ने गोली चलने जैसी आवाज सुनने का दावा किया, हालांकि पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच और डॉक्टरों की राय के अनुसार विजय की मौत किसी कठोर वस्तु से सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण हुई है. पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि होने की बात कही है.
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय पार्षद मोनू गुप्ता और मृतक के भाई मौके पर पहुंचे और विजय को स्कूटी से अस्पताल लेकर गए. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. विजय की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
सूचना मिलते ही पुलिस के बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. मकान की सीढ़ियों और कमरे के अंदर खून के निशान मिले हैं. फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली. एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि पुलिस को एक युवक के घायल होने की सूचना मिली थी. जब पुलिस अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया.
जांच में सामने आया कि मृतक को उसका परिचित अस्पताल लेकर आया था, लेकिन बाद में वह मौके से गायब हो गया. पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में कई टीमों को लगाया गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या के आरोपी विशाल गुप्ता का मोबाइल फोन घटना के बाद से बंद है. उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. पुलिस उसके करीबी लोगों और परिवार से भी पूछताछ कर रही है.
परिजनों ने की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
इस हत्याकांड ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि आरोपी का संबंध एक आईएएस अधिकारी के परिवार से बताया जा रहा है. मृतक के परिजनों ने आशंका जताई है कि आरोपी प्रभावशाली लोगों से जुड़ा हुआ है, इसलिए मामले में दबाव बनाया जा सकता है. परिवार ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है.
फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की वजह तलाशने में जुटी हुई है. शुरुआती जांच में किसी पुराने विवाद, लेन-देन या व्यक्तिगत रंजिश की आशंका जताई जा रही है. लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है. शहर के बीचोंबीच हुई इस सनसनीखेज वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है और लोग आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.