Uttar Pradesh News: जौनपुर पुलिस ने दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश रवि यादव को मुठभेड़ में मार गिराया. इस कार्रवाई के बाद मृतक रवि यादव के परिजनों ने सुभासपा प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर फरार स्वजातीय आरोपियों भोले राजभर और प्रदीप बिंद को मोटी रकम लेकर राजनीतिक संरक्षण देने का सीधा आरोप लगाया. परिवार ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए घटना में रवि की संलिप्तता के वीडियो या फोटो जैसे पुख्ता सबूत मांगे हैं. परिजनों का आरोप है कि यादव होने के कारण रवि को आगे कर मार दिया गया, जबकि सर्वाधिक मुकदमों वाले असली अपराधियों को बचाया जा रहा है. दूसरी ओर, मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सभी अपराधियों के खिलाफ एक समान सख्त कार्रवाई और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है.
'यादव होने के नाते हुआ एनकाउंटर', बुआ ने मांगे सबूत
एनकाउंटर में मारे गए रवि यादव की बुआ शर्मीला ने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह संदेहास्पद बताया है. उन्होंने मांग की है कि अगर रवि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल था, तो पुलिस गाड़ी चलाने या घटनाक्रम का कोई फोटो या वीडियो सबूत दिखाए.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में यादव सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए सबसे ज्यादा मुकदमों वाले भोले और शोले राजभर को पीछे करके रवि को जाति की वजह से आगे कर दिया गया. शर्मीला ने कहा कि उनका परिवार सपाई था और सपाई ही रहेगा, इसलिए वे चाहती हैं कि जैसे रवि का एनकाउंटर हुआ, वैसे ही बाकी बचे सभी आरोपियों का भी एनकाउंटर होना चाहिए.
शव न सौंपने और पिता को गुमराह करने का संगीन आरोप
मृतक के बड़े भाई दीपक यादव ने प्रशासन पर गंभीर धोखेबाजी के आरोप मढ़े हैं. दीपक का कहना है कि पुलिस ने उन्हें रवि का शव तक नहीं सौंपा और धक्का देकर भगा दिया. पोस्टमार्टम की कॉपी भी अब तक नहीं मिली है.
दीपक के मुताबिक, पुलिस ने उनके पिता को (जिन्हें शरण देने के आरोप में जेल भेजा गया था) यह कहकर जेल से निकाला कि उन्हें पोस्टमार्टम हाउस ले जाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन उन्हें सीधे रामघाट लेकर चला गया और अंतिम संस्कार कर दिया. भाई ने सवाल उठाया कि मुठभेड़ के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर भागने वाले दूसरे अपराधी का कोई प्रमाण पुलिस क्यों नहीं दे रही है.
ओमप्रकाश राजभर बोले- 'अपराधी को मिलेगी सजा'
परिजनों और विपक्ष के इन तीखे आरोपों पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने जातीय या राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है और जो भी अपराध किया है, उस अपराधी को सजा मिलनी ही चाहिए. सोशल मीडिया पर भोले राजभर को कथित रिश्तेदारी के कारण बचाने की चर्चाओं पर पलटवार करते हुए उन्होंने पूछा कि फिर प्रदीप बिंद को कौन बचा रहा है? उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी का काम पुलिस का है और जासूस व सुराग मिलने पर पुलिस सबको पकड़ेगी.
'मंडप जाते दूल्हे को मारा, सख्त कार्रवाई निश्चित होगी'
जब मंत्री राजभर से सवाल किया गया कि क्या फरार आरोपियों पर भी वैसी ही सख्ती होगी जैसी रवि यादव पर हुई, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई निश्चित तौर पर होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब लोगों ने मिलकर मंडप में जाते समय उस दूल्हे को बेरहमी से मारा है, तो वे सब अपराधी हैं और उन्हें कड़ी सजा मिलनी तय है. राजभर ने साफ किया कि पुलिस के पास कोई तुरंत पता लगाने वाली मशीन नहीं है, लेकिन टीम लगी हुई है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. वहीं, पीड़ित परिवार ने न्याय न मिलने पर DM-SDM दफ्तर पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है.