उत्तर प्रदेश के बड़ौत शहर के मेन बाजार में मंगलवार शाम एक सनसनीखेज गोलीकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया. रोज की तरह बाजार में चहल पहल थी, तभी अचानक गोलियों की आवाज से पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया. इस वारदात में पिता और पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि मुख्य आरोपी भी बाद में भीड़ की पिटाई में मारा गया. जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब पांच बजकर पचास मिनट पर तीन नकाबपोश आरोपी हथियार छिपाकर सोहनलाल अग्रवाल की दुकान की तरफ बढ़े. बताया जा रहा है कि आरोपी भीड़ के बीच धीरे-धीरे आगे बढ़े और सीधे अपने टारगेट पर पहुंच गए. इसके बाद उन्होंने सोहनलाल अग्रवाल पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.
गोलियों की आवाज सुनते ही बाजार में अफरा तफरी मच गई. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आरोपियों ने सोहनलाल को निशाना बनाने के बाद उनके बेटे विकास को भी नहीं बख्शा और उस पर भी कई गोलियां चलाईं. इस हमले में दोनों पिता और पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. घटना के समय सोहनलाल के भाई दीपक भी पास की दुकान में मौजूद थे. गोली चलने की आवाज सुनकर वो तुरंत बाहर की तरफ दौड़े. आसपास मौजूद लोग भी घायलों की मदद के लिए आगे आए, जबकि कुछ लोगों ने हमलावरों का पीछा करने की कोशिश की.
इस दौरान बाजार में पूरी तरह से दहशत फैल गई. आरोपी मौके से भागने लगे लेकिन भीड़ ने एक आरोपी को करीब पचास कदम दूर ही पकड़ लिया. पकड़े गए आरोपी को भी गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसे गोली लगी है. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. जांच में पकड़े गए आरोपी की पहचान वरुण के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार वरुण और सोहनलाल के बीच करीब 11 साल पुरानी रंजिश चली आ रही थी. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह घटना पुरानी दुश्मनी का नतीजा है.
घटना के बाद बाजार बंद, इलाके में तनाव और आक्रोश
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच 2015 में भी विवाद हुआ था, जिसमें फायरिंग की घटना हुई थी. उस समय कपिल नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी. इसके बाद वरुण पर भी कई मामले दर्ज हुए और वह जेल भी गया था. जेल से बाहर आने के बाद वह हरिद्वार शिफ्ट हो गया था. पुलिस को आशंका है कि इसी पुरानी दुश्मनी के चलते मंगलवार शाम यह हमला किया गया. बताया गया कि आरोपी पहले से रेकी कर रहे थे और जैसे ही मौका मिला, उन्होंने दुकान पर पहुंचकर फायरिंग शुरू कर दी. घटना के बाद बाजार में भारी तनाव फैल गया. व्यापारियों ने विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दीं और मेन रोड को कुछ समय के लिए जाम कर दिया गया. लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया.
इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपियों का आना और गोली चलाना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. इसके अलावा एक मोबाइल वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वरुण को घायल अवस्था में जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वरुण को गोली किसने मारी. साथ ही दो अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की दस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. घटना के अगले दिन पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए. घर में मातम छा गया और पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया. दोपहर तक अंतिम संस्कार कर दिया गया.
फरार दो आरोपियों की तलाश में पुलिस की दस टीमें सक्रिय
घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक लोगों का भी पीड़ित परिवार के घर आना-जाना शुरू हो गया. उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता दोनों परिवार को सांत्वना देने पहुंचे. पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला पूरी तरह से पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ है. फिलहाल जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है.