गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र में छह माह पुरानी महिला हत्या की एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक महिला की हत्या उसके पति ने अपने भाई और मामा के साथ मिलकर की थी. हत्या के बाद शव को जलाकर उसके अवशेष तालाब में फेंक दिए गए थे ताकि घटना का कोई सबूत न बच सके. अब पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी निशानदेही पर मृतका के शरीर के अवशेष भी बरामद कर लिए हैं.
पुलिस के अनुसार 6 जून 2026 को महिला के अपहरण की शिकायत मिलने पर थाना मुरादनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे महिला की हत्या किए जाने की आशंका मजबूत होती गई. इसके बाद पुलिस ने गहन छानबीन की और मुखबिर की सूचना के आधार पर महिला के पति परविन्द्र उर्फ प्रविन्द्र, उसके भाई विनोद कुमार और मामा ब्रह्मपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की.
गोबर के उपलों के बिटौरे में जलाया गया शव
पूछताछ में मुख्य आरोपी परविन्द्र ने पुलिस के सामने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया. आरोपी ने बताया कि उसकी शादी करीब 12 वर्ष पहले सोनिया से हुई थी और दोनों की दो बेटियां हैं. उसके अनुसार पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. आरोपी ने पुलिस को बताया कि पत्नी द्वारा दहेज का मुकदमा दर्ज कराने और घरेलू विवादों के कारण उसके मन में रंजिश पैदा हो गई थी.
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि 29 जनवरी 2026 को उसने अपने भाई विनोद कुमार के साथ मिलकर मुरादनगर स्थित अपने घर में सोनिया की हत्या कर दी. आरोपियों ने पहले महिला को फंदे से लटकाया. जब उन्हें लगा कि उसकी सांसें अभी चल रही हैं, तब तकिये से उसका मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव को ठिकाने लगाने की थी. इसके लिए दोनों भाइयों ने अपने मामा ब्रह्मपाल से संपर्क किया. पुलिस के अनुसार तीनों ने मिलकर शव को एक छोटे हाथी वाहन में रखा और उसे बेड के अंदर छुपाकर मुजफ्फरनगर ले गए.
जांच में सामने आया कि मुजफ्फरनगर के सिगलपुर गांव के पास गोबर के उपलों से बने एक बिटौरे में शव को डालकर आग लगा दी गई. शव पूरी तरह जल जाने के बाद उसकी राख और हड्डियों के अवशेष तालाब में फेंक दिए गए ताकि किसी तरह का कोई सबूत न मिल सके और हत्या का राज हमेशा के लिए दफन हो जाए.
हालांकि पुलिस जांच में मामला धीरे-धीरे खुलता गया. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतका के हड्डी अवशेष बरामद कर लिए हैं. पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य सबूत मिलने के बाद मुकदमे में हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई है. मोदीनगर के एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पति परविन्द्र उर्फ प्रविन्द्र (37 वर्ष), उसका भाई विनोद कुमार (40) और मामा ब्रह्मपाल (45) शामिल हैं. तीनों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है.
छह महीने बाद खुली सनसनीखेज हत्या की गुत्थी, तीन गिरफ्तार
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है. वहीं बरामद अवशेषों की जांच कराई जा रही है ताकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि की जा सके. करीब छह महीने तक हत्या का यह राज छिपा रहा, लेकिन पुलिस जांच के बाद पूरी साजिश सामने आ गई. अब तीनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं और पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है.