कभी साथ जीने-मरने की कसमें खाईं, परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया, दो बच्चों के माता-पिता बने और भविष्य के सपने बुने. लेकिन आठ साल पुराने इसी रिश्ते का अंत ऐसे खौफनाक तरीके से हुआ कि लोग चौंक पड़े. बागपत के चांदीनगर थाना क्षेत्र के खैला गांव में सामने आई यह वारदात शक की कहानी है, जिसने एक परिवार को बिखेर दिया. जिस महिला की हत्या उसके पति ने की उसका जन्मदिन दो दिन बाद ही आने वाला था. परिवार का दावा है कि वह बच्चों के साथ जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रही थी. लेकिन जन्मदिन से पहले ही उसकी जिंदगी खत्म हो गई.
बेटी के फोन ने मां को बुलाया, लेकिन इंतजार मौत कर रही थी
मृतका मनीषा ठाकुर पिछले कुछ समय से अपने बेटे के साथ बेंगलुरु में रह रही थी. परिवार के लोगों का आरोप है कि घटना से पहले उसकी मासूम बेटी अनन्या के जरिए उसे फोन कराया गया. बताया जाता है कि फोन पर बेटी ने मां से कहा, "मम्मी, आपको मेरी याद नहीं आती क्या? मिलने आ जाओ. बेटी की आवाज सुनकर मनीषा भावुक हो गई और बेंगलुरु से बागपत आने का फैसला कर लिया. उसे नहीं मालूम था कि जिस घर में वह अपनी बेटी से मिलने जा रही है, वहां उसके लिए एक खतरनाक साजिश इंतजार कर रही है.
हरिद्वार में हुई थी मुलाकात, फिर हुआ प्यार
जानकारी के मुताबिक राहुल भाटी और मनीषा ठाकुर की मुलाकात करीब आठ साल पहले हरिद्वार में हुई थी. मुलाकात दोस्ती में बदली और फिर दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया. शादी के बाद दोनों ने साथ मिलकर नया जीवन शुरू किया. कुछ समय तक दोनों बागपत के खैला गांव में रहे. बाद में रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली चले गए. परिवार बढ़ा और उनके दो बच्चे हुए बेटा कविश और बेटी अनन्या. परिवार वालों के अनुसार शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा.
अलग-अलग शहरों में रहने लगे पति-पत्नी
समय के साथ परिस्थितियां बदलीं. मनीषा बेटे को लेकर बेंगलुरु चली गई, जबकि बेटी गांव में दादी के पास रहने लगी. राहुल भी रोजगार के सिलसिले में हरिद्वार में रहने लगा. यहीं से दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं. परिवार के लोगों का कहना है कि राहुल को शक था कि बेंगलुरु में रहने के दौरान मनीषा किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में है. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था. हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन परिवार का दावा है कि यही शक धीरे-धीरे रिश्ते को उस मोड़ पर ले गया जहां से वापसी संभव नहीं रही.
बहन का आरोप: पहले बनाई साजिश, फिर बुलाया घर
मृतका की बहन शिवानी ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि हत्या कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसकी पहले से तैयारी की गई थी. परिवार के मुताबिक आरोपी ने पहले मनीषा को गांव बुलाने की योजना बनाई. बेटी के जरिए फोन कराया गया. इसके बाद जब मनीषा गांव पहुंची तो दोनों के बीच विवाद हुआ. आरोप है कि विवाद के दौरान राहुल ने उस पर हमला कर दिया. परिवार का दावा है कि हमले के लिए पहले से एक विशेष हथियार तैयार किया गया था. परिजनों के अनुसार 24 जून को मनीषा का जन्मदिन था. वह बच्चों के साथ समय बिताना चाहती थी. परिवार के कुछ लोगों ने बताया कि वह जन्मदिन मनाने की योजना बना रही थी. लेकिन जन्मदिन से पहले ही उसकी मौत की खबर परिवार तक पहुंच गई. शिवानी ठाकुर का कहना है कि उन्हें फोन के जरिए घटना की जानकारी मिली. जब तक परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
पुलिस को खुद दी सूचना
घटना के बाद पुलिस को सूचना भी आरोपी की ओर से ही दी गई. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी कब्जे में लिया गया है. पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले में हत्या से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. प्रेस नोट जारी कर पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत कार्रवाई की गई है. मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.